रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भारत यात्रा को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। पुतिन 11 सितंबर को नई दिल्ली पहुंचने वाले हैं और इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी अहम द्विपक्षीय बैठक प्रस्तावित है। यह मुलाकात भारत की मेजबानी में होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन से पहले हो रही है, इसलिए पूरी दुनिया की नजर दोनों नेताओं की बातचीत पर है।
मोदी-पुतिन की मुलाकात क्यों है खास?
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन की बैठक में भारत-रूस के द्विपक्षीय संबंधों के साथ-साथ कई अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है। रूस के क्रेमलिन के मुताबिक, दोनों नेता आपसी हितों से जुड़े मुद्दों और वैश्विक घटनाक्रम पर बातचीत करेंगे।
यह दोनों नेताओं की हाल के दिनों में दूसरी महत्वपूर्ण मुलाकात होगी। इससे पहले 31 अगस्त को किर्गिस्तान में SCO शिखर सम्मेलन के दौरान मोदी और पुतिन की मुलाकात हुई थी। उस दौरान दोनों नेताओं ने रक्षा, ऊर्जा, व्यापार, अंतरिक्ष और अन्य क्षेत्रों में सहयोग की समीक्षा की थी।
रक्षा और ऊर्जा पर भी नजर
नई दिल्ली में होने वाली बैठक में भारत-रूस रक्षा सहयोग अहम मुद्दा रह सकता है। इसके अलावा ऊर्जा, व्यापार और रणनीतिक सहयोग को आगे बढ़ाने पर भी बातचीत की संभावना है। रूस के साथ भारत के ऊर्जा संबंधों में हाल के महीनों में तेजी आई है, जबकि दोनों देश रक्षा क्षेत्र में भी सहयोग को आगे बढ़ाने के विकल्प तलाश रहे हैं।
रिपोर्टों के मुताबिक, दोनों पक्ष परिवहन से जुड़ी अंतरराष्ट्रीय परियोजनाओं और आर्थिक सहयोग पर भी चर्चा कर सकते हैं। वहीं BRICS के एजेंडे और वैश्विक परिस्थितियों पर दोनों नेताओं के बीच विचारों का आदान-प्रदान होने की संभावना है।
BRICS से पहले अहम बैठक
भारत इस साल BRICS की अध्यक्षता कर रहा है और 12-13 सितंबर को नई दिल्ली में 18वां BRICS शिखर सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। ऐसे में पुतिन की यात्रा और मोदी के साथ उनकी द्विपक्षीय बैठक को कूटनीतिक लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
बैठक के बाद दोनों देशों के रिश्तों को लेकर कई अहम संकेत सामने आ सकते हैं। खासकर रक्षा, ऊर्जा, व्यापार और रणनीतिक साझेदारी के क्षेत्र में आगे की दिशा पर दुनिया की नजर रहेगी।
भारत-रूस रिश्तों के लिए महत्वपूर्ण पड़ाव
भारत और रूस के बीच लंबे समय से मजबूत रणनीतिक संबंध रहे हैं। दोनों देश लगातार अपने विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने पर जोर देते रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन ने भी हालिया बातचीत में द्विपक्षीय सहयोग को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई थी।
अब नई दिल्ली में होने वाली मोदी-पुतिन बैठक को इसी साझेदारी के अगले चरण के तौर पर देखा जा रहा है। BRICS सम्मेलन से पहले होने वाली यह मुलाकात भारत-रूस संबंधों और वैश्विक कूटनीति, दोनों के लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही है।








