तेलंगाना के जगतियाल जिले के रहने वाले 42 वर्षीय वाविलाला सुदर्शन गौड़ की यूक्रेन में रूसी हमले के दौरान मौत हो गई। करीब चार महीने पहले वह रोजगार की तलाश में यूक्रेन गए थे और वहां एक कंस्ट्रक्शन कंपनी में काम कर रहे थे। परिवार को उम्मीद थी कि विदेश में काम करके सुदर्शन घर की आर्थिक स्थिति बेहतर करेंगे, लेकिन अचानक आई उनकी मौत की खबर ने पूरे परिवार को सदमे में डाल दिया।
बेहतर रोजगार की तलाश में यूक्रेन पहुंचे थे सुदर्शन
सुदर्शन गौड़ तेलंगाना के जगतियाल जिले के हसनाबाद गांव के रहने वाले थे। परिवार के मुताबिक, करीब चार महीने पहले वह एक रिश्तेदार के साथ रोजगार की तलाश में यूक्रेन गए थे। वहां उन्हें कंस्ट्रक्शन सेक्टर में काम मिल गया था।
विदेश जाकर काम करने का फैसला उनके लिए बेहतर कमाई और परिवार की जरूरतों को पूरा करने की उम्मीद से जुड़ा था। सुदर्शन अपने परिवार के लिए कमाई करना चाहते थे और यूक्रेन में काम करके घर की आर्थिक स्थिति सुधारने की कोशिश कर रहे थे।
एयर-रेड अलर्ट के दौरान हुआ हादसा
रिपोर्टों के मुताबिक, यूक्रेन के ओडेसा इलाके में हवाई हमले का अलर्ट जारी हुआ था। इसी दौरान सुदर्शन अपने ठिकाने से सुरक्षित जगह की ओर जाने की कोशिश कर रहे थे। इसी बीच हुए रूसी हमले की चपेट में आने से उनकी जान चली गई।
यूक्रेन में जारी युद्ध के बीच हाल के दिनों में कई इलाकों में मिसाइल और ड्रोन हमले तेज हुए हैं। यूक्रेनी अधिकारियों के मुताबिक, ताजा हमलों में कई लोगों की मौत हुई और बड़ी संख्या में लोग घायल हुए।
परिवार तक पहुंची मौत की खबर
सुदर्शन की मौत की खबर जब उनके गांव और परिवार तक पहुंची तो वहां मातम छा गया। परिवार के लिए यह खबर इसलिए भी बेहद दुखद थी क्योंकि कुछ ही महीने पहले सुदर्शन बेहतर रोजगार की उम्मीद में विदेश गए थे।
परिजनों को उम्मीद थी कि वह वहां काम करके कमाई करेंगे और कुछ समय बाद वापस घर लौटेंगे। लेकिन अब परिवार उनके पार्थिव शरीर के भारत आने का इंतजार कर रहा है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी परिवार से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की और मदद का भरोसा दिया।
भारतीय दूतावास ने दी मदद की जानकारी
यूक्रेन स्थित भारतीय दूतावास ने सुदर्शन गौड़ की मौत पर दुख जताया है। दूतावास ने कहा कि वह परिवार के संपर्क में है और उनके पार्थिव शरीर को जल्द भारत लाने के लिए जरूरी सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। इसके लिए संबंधित कंपनी और यूक्रेनी अधिकारियों के साथ भी समन्वय किया जा रहा है।
दूतावास की ओर से सहायता का आश्वासन मिलने के बाद परिवार को उम्मीद है कि सुदर्शन का पार्थिव शरीर जल्द उनके गांव लाया जा सकेगा।
एक और तेलंगाना निवासी हुआ घायल
इस हमले में तेलंगाना के ही एक अन्य व्यक्ति के घायल होने की भी जानकारी सामने आई है। रिपोर्टों के अनुसार, गणेश कल्लेडा नाम के 35 वर्षीय व्यक्ति को चोटें आईं और उनकी हालत स्थिर बताई गई है।
इस घटना ने एक बार फिर युद्धग्रस्त यूक्रेन में काम कर रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। अलग-अलग देशों से रोजगार के लिए पहुंचे लोग लगातार बदलते सुरक्षा हालात के बीच मुश्किल परिस्थितियों में काम कर रहे हैं।
परिवार को अब सिर्फ अपने बेटे के लौटने का इंतजार
सुदर्शन गौड़ की कहानी उन हजारों भारतीयों जैसी है, जो बेहतर रोजगार और परिवार का भविष्य संवारने की उम्मीद में विदेश जाते हैं। उनके परिवार ने भी शायद यही सोचा था कि कुछ समय बाद सुदर्शन बेहतर कमाई के साथ घर लौटेंगे। लेकिन युद्ध की चपेट में आई उनकी जिंदगी ने परिवार की सारी उम्मीदों को गहरे दुख में बदल दिया।
अब परिवार की सबसे बड़ी चिंता सुदर्शन के पार्थिव शरीर को सम्मान के साथ उनके गांव तक लाने की है। भारतीय दूतावास की ओर से इस प्रक्रिया में मदद किए जाने की जानकारी दी गई है।
सुदर्शन गौड़ की मौत ने न सिर्फ उनके परिवार को गहरा सदमा दिया है, बल्कि यह भी दिखाया है कि युद्ध प्रभावित इलाकों में रोजगार के लिए रहने वाले आम नागरिकों के सामने कितनी बड़ी अनिश्चितता बनी हुई है।








