दिल्ली के नरेला और हरियाणा के यमुनानगर में गुरुवार सुबह जिम के बाहर हुई दो अलग-अलग हत्याओं ने सनसनी फैला दी। दोनों घटनाएं अलग-अलग शहरों में हुईं, मृतक भी अलग थे और फिलहाल दोनों मामलों के बीच किसी सीधे संबंध की पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन दोनों वारदातों में एक बात ने पुलिस और स्थानीय लोगों का ध्यान खींचा है—दोनों पीड़ित सुबह जिम पहुंचे थे और जिम के बाहर ही हमलावरों ने उन्हें निशाना बनाया।
नरेला में जिम के गेट पर प्रॉपर्टी डीलर की हत्या
पहली वारदात बाहरी दिल्ली के नरेला इलाके के बाकनेर गांव में सामने आई। यहां प्रमोद नाम के प्रॉपर्टी डीलर की जिम के गेट के पास गोलीबारी में मौत हो गई। वह हरियाणा के सोनीपत जिले के नाहरी गांव के रहने वाले बताए गए हैं और प्रॉपर्टी डीलिंग के काम से जुड़े थे।
जानकारी के मुताबिक, प्रमोद रोज की तरह सुबह जिम में एक्सरसाइज करने पहुंचे थे। वह जिम के गेट के पास पहुंचे ही थे कि स्कूटी सवार बदमाशों ने उन्हें निशाना बना लिया। इसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
पुलिस को सूचना मिलने के बाद टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। आसपास के इलाकों में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि हमलावरों की पहचान की जा सके।
यमुनानगर में ट्रांसपोर्टर को बनाया निशाना
दूसरी वारदात हरियाणा के यमुनानगर के मॉडल टाउन इलाके में हुई। यहां करीब 62 वर्षीय ट्रांसपोर्टर हरभजन सिंह को जिम के बाहर निशाना बनाया गया।
हरभजन सिंह प्रेम नगर के रहने वाले थे और ट्रांसपोर्ट के साथ फाइनेंस के कारोबार से भी जुड़े बताए गए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, वह नियमित रूप से जिम जाते थे और उनका घर भी जिम के आसपास ही था।
गुरुवार सुबह वह जिम जाने के लिए घर से निकले थे। जिम के बाहर पहुंचने के बाद बदमाशों ने उन पर हमला किया और मौके से फरार हो गए। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।
दोनों घटनाओं में क्या है समानता?
नरेला और यमुनानगर की घटनाओं में सबसे ज्यादा चर्चा उस पैटर्न की हो रही है, जो दोनों मामलों में दिखाई दिया।
- दोनों वारदातें सुबह के समय हुईं।
- दोनों पीड़ित जिम जाने के लिए घर से निकले थे।
- दोनों को जिम के बाहर निशाना बनाया गया।
- हमलावर वारदात के बाद मौके से फरार हो गए।
- दोनों मामलों में पुलिस हमलावरों की पहचान और हत्या की वजह पता करने में जुटी है।
हालांकि, इन समानताओं के बावजूद अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि दोनों घटनाओं के पीछे एक ही गिरोह या किसी साझा साजिश का हाथ है। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही तस्वीर साफ हो पाएगी।
क्या पुरानी रंजिश या कारोबारी विवाद वजह?
नरेला मामले में पुलिस हत्या के पीछे की वजह पता करने की कोशिश कर रही है। मृतक के प्रॉपर्टी कारोबार से जुड़े होने के कारण कारोबारी विवाद या पुरानी रंजिश जैसे पहलुओं की जांच की जा सकती है, लेकिन फिलहाल किसी एक वजह की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
इसी तरह यमुनानगर में भी पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हरभजन सिंह को क्यों निशाना बनाया गया। उनके ट्रांसपोर्ट और फाइनेंस कारोबार से जुड़े पहलुओं को भी जांच का हिस्सा बनाया जा रहा है।
CCTV और दूसरे सुरागों से खुलेगा राज
दोनों मामलों में पुलिस के लिए CCTV फुटेज अहम सुराग साबित हो सकती है। जांच टीमें घटनास्थल के आसपास मौजूद कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाल रही हैं और संभावित रास्तों की भी जांच की जा रही है।
पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हमलावर किस दिशा से आए, घटना के बाद किस रास्ते से भागे और क्या वारदात से पहले उन्होंने पीड़ितों की गतिविधियों पर नजर रखी थी। इन सवालों के जवाब मिलने के बाद जांच आगे बढ़ने की उम्मीद है।
शहरों में सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता
सुबह के वक्त जिम के बाहर हुई इन घटनाओं से स्थानीय लोगों में चिंता का माहौल है। जिम ऐसी जगह होती है जहां सुबह बड़ी संख्या में लोग आते-जाते हैं। ऐसे में सार्वजनिक स्थान के बाहर हुई इस तरह की वारदात सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करती है।
हालांकि पुलिस का कहना है कि दोनों मामलों की जांच जारी है और आरोपियों तक पहुंचने के लिए जरूरी सुराग जुटाए जा रहे हैं। यमुनानगर में घटना के बाद पुलिस ने इलाके में नाकाबंदी कर संभावित ठिकानों और रास्तों पर जांच तेज की।
फिलहाल कनेक्शन की पुष्टि नहीं
नरेला और यमुनानगर की घटनाओं में समानता जरूर नजर आती है, लेकिन दोनों हत्याकांड के बीच किसी सीधे कनेक्शन की पुष्टि अभी नहीं हुई है। इसलिए किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पुलिस जांच का इंतजार करना जरूरी है।
फिलहाल जांच एजेंसियों के सामने दो बड़ी चुनौतियां हैं—पहली, दोनों मामलों में हमलावरों की पहचान करना और दूसरी, यह पता लगाना कि आखिर इन दोनों वारदातों के पीछे की असली वजह क्या थी।
नरेला से यमुनानगर तक जिम के बाहर हुई इन दो वारदातों ने एक जैसा पैटर्न जरूर सामने रखा है, लेकिन दोनों मामलों की पूरी सच्चाई पुलिस जांच और आगे सामने आने वाले सबूतों के बाद ही स्पष्ट होगी।








