भरतपुर: बारिश के बाद भरतपुर के लोहागढ़ स्टेडियम की बदहाल तस्वीर ने खेल सुविधाओं और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्टेडियम में लंबे समय से जमा बारिश का पानी खिलाड़ियों और सेना में अग्निवीर भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी परेशानी बन गया है। जलभराव के कारण मैदान और रनिंग ट्रैक का इस्तेमाल करना मुश्किल हो गया है, जिससे नियमित अभ्यास प्रभावित होने की बात सामने आ रही है। लोहागढ़ स्टेडियम में पहले भी बारिश के बाद पानी भरने की समस्या सामने आती रही है।
स्थानीय स्तर पर सामने आई जानकारी के मुताबिक करीब 20 दिन से स्टेडियम में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। पानी की निकासी नहीं होने से मैदान में जगह-जगह कीचड़ और गंदा पानी जमा है। ऐसे में सुबह-शाम अभ्यास करने पहुंचने वाले खिलाड़ियों और प्रतियोगी परीक्षाओं व सेना भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

अभ्यास के लिए मैदान नहीं, युवाओं की चिंता बढ़ी
अग्निवीर भर्ती की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए दौड़ और शारीरिक अभ्यास बेहद महत्वपूर्ण होता है। लेकिन स्टेडियम में पानी भरा होने के कारण उन्हें नियमित अभ्यास के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है। युवाओं का कहना है कि भर्ती की तैयारी लंबे समय से की जा रही है और ऐसे समय में मैदान उपलब्ध नहीं होना उनकी मेहनत पर असर डाल सकता है।
स्टेडियम में सिर्फ अग्निवीर अभ्यर्थी ही नहीं, बल्कि अलग-अलग खेलों से जुड़े खिलाड़ी भी अभ्यास करते हैं। जलभराव के कारण खेल गतिविधियां प्रभावित होने की शिकायतें सामने आती रही हैं। देश के अलग-अलग हिस्सों में भी बारिश के बाद स्टेडियमों में जलभराव के चलते खिलाड़ियों और सेना भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं के अभ्यास पर असर पड़ने की खबरें सामने आई हैं।

राहुल मदेरणा ने प्रशासन पर उठाए सवाल
लोहागढ़ स्टेडियम की स्थिति को लेकर राहुल मदेरणा ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए जल्द से जल्द पानी की निकासी कराने की मांग की है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब स्टेडियम में इतने दिनों से पानी जमा है और खिलाड़ियों व युवाओं की तैयारी प्रभावित हो रही है, तो प्रशासन आखिर कब जागेगा?
राहुल मदेरणा का कहना है कि खेल मैदान केवल मनोरंजन की जगह नहीं होते, बल्कि यहां युवा अपने भविष्य के लिए मेहनत करते हैं। विशेषकर अग्निवीर भर्ती की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए स्टेडियम का रनिंग ट्रैक और मैदान बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे में लंबे समय तक जलभराव की स्थिति बनी रहना गंभीर समस्या है।
स्थायी समाधान की मांग
बारिश के बाद पानी जमा होना और कई दिनों तक उसकी निकासी नहीं होना केवल तत्काल समस्या नहीं, बल्कि स्टेडियम की ड्रेनेज व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करता है। अगर हर बारिश के बाद यही स्थिति बनती है तो केवल पंप लगाकर पानी निकालना पर्याप्त नहीं होगा। जल निकासी की स्थायी व्यवस्था और मैदान की संरचना में जरूरी सुधार की जरूरत है।
खिलाड़ियों और युवाओं की मांग है कि प्रशासन जल्द से जल्द स्टेडियम से पानी हटाए, मैदान और रनिंग ट्रैक को अभ्यास के लिए सुरक्षित बनाए और भविष्य में जलभराव की समस्या दोबारा न हो, इसके लिए स्थायी समाधान तैयार करे।
युवाओं की मेहनत पर भारी पड़ रहा जलभराव
अग्निवीर बनने का सपना देख रहे कई युवा रोजाना शारीरिक अभ्यास के लिए मैदानों पर निर्भर रहते हैं। दौड़, फिटनेस और अन्य शारीरिक तैयारियों में नियमित अभ्यास की अहम भूमिका होती है। ऐसे में यदि कई दिनों तक मैदान का इस्तेमाल नहीं हो पाए तो अभ्यर्थियों के सामने वैकल्पिक जगह तलाशने की चुनौती खड़ी हो जाती है।
वहीं खिलाड़ियों के लिए भी अभ्यास का हर दिन महत्वपूर्ण होता है। प्रतियोगिताओं की तैयारी कर रहे खिलाड़ियों को मैदान उपलब्ध नहीं होने से उनकी ट्रेनिंग का क्रम टूट सकता है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि लोहागढ़ स्टेडियम से पानी कब निकलेगा और जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान कब होगा? खिलाड़ियों और अग्निवीर अभ्यर्थियों की नजरें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं। राहुल मदेरणा के सवालों के बाद भी अगर समस्या का जल्द समाधान नहीं हुआ तो यह मामला प्रशासन की खेल सुविधाओं और जल निकासी व्यवस्था पर और गंभीर सवाल खड़े कर सकता है।







