पंजाब के लुधियाना के पॉश किचलू नगर इलाके में सड़क का एक बड़ा हिस्सा अचानक धंस गया। सड़क धंसने के बाद मौके पर करीब 30 फीट गहरा गड्ढा बन गया, जिसे देखकर आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने प्रभावित रास्ते पर आवाजाही बंद कर दी है।
घटना के बाद संबंधित विभागों की टीमें मौके पर पहुंचीं और इलाके का निरीक्षण किया। सड़क के धंसने की वजह से किसी बड़े हादसे की आशंका को देखते हुए वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है। अधिकारियों के मुताबिक, सड़क की मरम्मत और स्थिति को सामान्य करने में करीब 10 दिन लग सकते हैं।
अचानक धंसी सड़क, मचा हड़कंप
किचलू नगर शहर के प्रमुख और पॉश इलाकों में गिना जाता है। यहां सड़क का एक बड़ा हिस्सा जमीन में धंसने के बाद विशाल गड्ढा बन गया। घटना के बाद आसपास के लोगों और वाहन चालकों को सतर्क किया गया। प्रशासन ने बैरिकेडिंग कर प्रभावित हिस्से को बंद कर दिया है, ताकि कोई वाहन या राहगीर दुर्घटना का शिकार न हो।
10 दिन तक बंद रहेगा रास्ता
सड़क के क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत का काम पूरा होने तक इस मार्ग पर यातायात बंद रखने का फैसला लिया गया है। बताया जा रहा है कि रास्ता करीब 10 दिनों तक बंद रह सकता है। इस दौरान वाहन चालकों को वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करना होगा।
प्रशासन की ओर से प्रभावित इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है। सड़क के आसपास बैरिकेडिंग और चेतावनी संकेत लगाए जा रहे हैं, ताकि लोगों को खतरे वाले हिस्से से दूर रखा जा सके।
सड़क धंसने की वजह की जांच
फिलहाल सड़क धंसने की वास्तविक वजह की जांच की जा रही है। संबंधित विभाग यह पता लगाने में जुटे हैं कि जमीन के नीचे किसी तरह की पाइपलाइन, पानी के रिसाव, सीवरेज व्यवस्था या अन्य तकनीकी कारण की वजह से सड़क कमजोर हुई या नहीं। जांच के बाद ही सड़क धंसने के पीछे की सही वजह स्पष्ट हो सकेगी।
लोगों को वैकल्पिक रास्ते अपनाने की सलाह
रास्ता बंद होने के कारण आसपास के इलाकों में ट्रैफिक का दबाव बढ़ सकता है। ऐसे में प्रशासन ने लोगों से प्रभावित मार्ग पर जाने से बचने और वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करने की अपील की है।
फिलहाल सबसे बड़ी प्राथमिकता सड़क के आसपास सुरक्षा सुनिश्चित करना और जल्द से जल्द मरम्मत का काम पूरा करना है। 30 फीट गहरे गड्ढे के चलते प्रशासन किसी भी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहता। आने वाले दिनों में सड़क की स्थिति और मरम्मत की प्रगति के आधार पर यातायात बहाल करने को लेकर फैसला लिया जाएगा।








