बिहार में सफाई कर्मियों की हड़ताल का असर अब शहरों की सफाई व्यवस्था पर साफ दिखाई देने लगा है। राजधानी पटना समेत कई इलाकों में कचरा जमा होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के चौथे दिन प्रशासन ने मोर्चा संभालते हुए वैकल्पिक व्यवस्था के जरिए कचरा उठाने का अभियान शुरू किया।
पटना में देर रात तक सफाई अभियान चलाया गया। बताया गया कि यह पूरी कार्रवाई नगर प्रशासन और अधिकारियों की निगरानी में हुई, ताकि सड़कों पर जमा कचरे को हटाया जा सके और लोगों को राहत मिल सके। कमिश्नर ने खुद सफाई व्यवस्था का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए।
वहीं, सफाई व्यवस्था में लापरवाही को लेकर प्रशासन ने आउटसोर्सिंग एजेंसियों पर सख्त कार्रवाई की है। कई एजेंसियों पर कुल ₹22.65 करोड़ का जुर्माना लगाया गया है। प्रशासन का कहना है कि सफाई कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और शहर की स्वच्छता व्यवस्था को बनाए रखने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे।
हड़ताल के कारण पटना के कई इलाकों में कचरे का ढेर लग गया था। बाजारों, सड़कों और रिहायशी इलाकों में कचरा जमा होने से लोगों को बदबू और गंदगी की समस्या से जूझना पड़ा। स्थानीय लोगों ने जल्द से जल्द सफाई व्यवस्था सामान्य करने की मांग की है।
सफाई कर्मियों की हड़ताल के पीछे उनकी विभिन्न मांगें बताई जा रही हैं, जिनमें वेतन, स्थायीकरण और अन्य सुविधाओं से जुड़े मुद्दे शामिल हैं। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर उचित फैसला नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
प्रशासन और सफाई कर्मियों के बीच बातचीत के प्रयास भी किए जा रहे हैं, ताकि जल्द समाधान निकाला जा सके। फिलहाल प्रशासन ने वैकल्पिक इंतजामों के जरिए शहर को साफ रखने की कोशिश तेज कर दी है, लेकिन हड़ताल खत्म होने तक पूरी व्यवस्था को सामान्य करना बड़ी चुनौती बनी हुई है।








