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July 30, 2026 4:04 pm

तमिलनाडु सरकार का बड़ा फैसला! 3-स्टेप अप्रूवल सिस्टम से आसान होगी रेवेन्यू सर्टिफिकेट प्रक्रिया

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चेन्नई: तमिलनाडु सरकार ने आम नागरिकों को राहत देने और सरकारी सेवाओं को अधिक पारदर्शी व तेज बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार ने रेवेन्यू सर्टिफिकेट जारी करने की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए नया 3-स्टेप अप्रूवल सिस्टम लागू करने का फैसला किया है। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य आवेदन प्रक्रिया में लगने वाले समय को कम करना, अनावश्यक देरी रोकना और लोगों को समय पर प्रमाणपत्र उपलब्ध कराना है।

राजस्व विभाग के अधिकारियों के अनुसार, मौजूदा प्रक्रिया में कई स्तरों पर फाइलों के लंबित रहने के कारण नागरिकों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता था। नई प्रणाली लागू होने के बाद आवेदन तीन निर्धारित चरणों से होकर गुजरेगा, जिससे प्रक्रिया अधिक सुव्यवस्थित और जवाबदेह बनेगी।

क्या होगा नए सिस्टम में?

3-स्टेप अप्रूवल सिस्टम के तहत आवेदन की प्रारंभिक जांच, दस्तावेजों का सत्यापन और अंतिम स्वीकृति तय समयसीमा के भीतर पूरी की जाएगी। इससे अधिकारियों की जिम्मेदारी भी स्पष्ट होगी और किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी की संभावना कम होगी।

सरकार का कहना है कि नई व्यवस्था में डिजिटल ट्रैकिंग की सुविधा भी दी जाएगी, जिससे आवेदक अपने आवेदन की स्थिति ऑनलाइन देख सकेंगे। इससे कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने की जरूरत भी कम होगी।

लाखों नागरिकों को मिलेगा लाभ

रेवेन्यू सर्टिफिकेट का उपयोग आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, छात्रवृत्ति, सरकारी योजनाओं का लाभ लेने, शैक्षणिक प्रवेश और अन्य प्रशासनिक कार्यों में किया जाता है। ऐसे में नई व्यवस्था से हर साल लाखों आवेदकों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।

सरकार का मानना है कि प्रक्रिया को सरल और समयबद्ध बनाने से सरकारी सेवाओं पर लोगों का भरोसा और मजबूत होगा।

ई-गवर्नेंस को मिलेगा बढ़ावा

तमिलनाडु सरकार लंबे समय से प्रशासनिक सेवाओं के डिजिटलीकरण पर जोर दे रही है। 3-स्टेप अप्रूवल सिस्टम को भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इससे न केवल सरकारी कामकाज में पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि रिकॉर्ड प्रबंधन और निगरानी भी अधिक प्रभावी हो सकेगी।

पारदर्शिता और जवाबदेही होगी मजबूत

सरकार का कहना है कि नई प्रक्रिया में प्रत्येक स्तर पर अधिकारी की जिम्मेदारी तय होगी। इससे लंबित मामलों की संख्या कम होगी और नागरिकों को निर्धारित समय के भीतर सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी। यदि किसी आवेदन में देरी होती है, तो उसका कारण भी आसानी से पता लगाया जा सकेगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला प्रशासनिक सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यदि यह व्यवस्था प्रभावी ढंग से लागू होती है, तो भविष्य में अन्य सरकारी प्रमाणपत्रों और सेवाओं के लिए भी इसी तरह की सरल और डिजिटल प्रक्रिया अपनाई जा सकती है। नई व्यवस्था से नागरिकों को तेज, पारदर्शी और सुविधाजनक सरकारी सेवाएं मिलने की उम्मीद है।

Rashmi Repoter
Author: Rashmi Repoter

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