दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और कर्नाटक समेत चार राज्यों में एटीएम सेवाओं पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। कैश मैनेजमेंट कंपनियों और सेवा प्रदाताओं के बीच फीस और भुगतान को लेकर चल रहे विवाद के कारण कई स्थानों पर एटीएम में नकदी भरने (कैश लोडिंग) का काम प्रभावित हो गया है। इसका असर आने वाले दिनों में आम बैंक ग्राहकों पर भी पड़ सकता है, क्योंकि कई एटीएम में समय पर नकदी नहीं पहुंच पाने की आशंका जताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार, एटीएम में कैश पहुंचाने और उसे भरने का काम निजी कैश मैनेजमेंट कंपनियां करती हैं। इन कंपनियों का कहना है कि बढ़ती महंगाई, ईंधन की कीमतों, कर्मचारियों के वेतन और सुरक्षा व्यवस्था पर होने वाले खर्च के बावजूद उन्हें लंबे समय से पुरानी दरों पर ही भुगतान किया जा रहा है। इसी वजह से उन्होंने फीस बढ़ाने की मांग की है। मांग पूरी न होने के कारण कई जगहों पर कैश लोडिंग का काम प्रभावित हुआ है।
बताया जा रहा है कि विवाद का सबसे अधिक असर महानगरों और बड़े शहरों में देखने को मिल रहा है, जहां रोजाना बड़ी संख्या में लोग एटीएम से नकदी निकालते हैं। यदि स्थिति जल्द सामान्य नहीं हुई, तो कई एटीएम खाली हो सकते हैं और ग्राहकों को एक एटीएम से दूसरे एटीएम तक भटकना पड़ सकता है।
बैंकिंग क्षेत्र से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल सभी बैंकों की सेवाएं पूरी तरह बंद नहीं हुई हैं, लेकिन प्रभावित क्षेत्रों में नकदी की आपूर्ति बनाए रखने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है। बैंक लगातार कैश मैनेजमेंट कंपनियों के संपर्क में हैं और विवाद का जल्द समाधान निकालने की कोशिश कर रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल भुगतान के बढ़ते चलन के बावजूद देश में बड़ी संख्या में लोग अभी भी नकद लेन-देन पर निर्भर हैं। ऐसे में यदि एटीएम में कैश की उपलब्धता प्रभावित होती है, तो इसका सीधा असर आम जनता, छोटे कारोबारियों और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों पर पड़ सकता है।
बैंक ग्राहकों को सलाह दी गई है कि यदि उन्हें नकदी की आवश्यकता है, तो वे पहले अपने नजदीकी एटीएम में उपलब्धता की जानकारी लें। जरूरत पड़ने पर बैंक शाखाओं से भी नकद निकासी की जा सकती है। साथ ही, जहां संभव हो, डिजिटल भुगतान विकल्पों का उपयोग करने की भी सलाह दी गई है।
इस बीच, कैश मैनेजमेंट कंपनियों और संबंधित एजेंसियों के बीच बातचीत जारी है। उम्मीद जताई जा रही है कि फीस और भुगतान से जुड़े विवाद का जल्द समाधान निकल जाएगा, जिससे एटीएम में कैश लोडिंग की प्रक्रिया फिर से सामान्य हो सकेगी।
फिलहाल बैंकिंग व्यवस्था पर कोई व्यापक असर नहीं पड़ा है, लेकिन यदि विवाद लंबा खिंचता है तो आने वाले दिनों में कई शहरों में एटीएम से नकदी निकालना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। इसलिए ग्राहकों को अनावश्यक घबराने के बजाय जरूरत के अनुसार ही नकदी निकालने और बैंक द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है।








