अयोध्या में बन रहे श्रीराम मंदिर से जुड़े दान और वित्तीय पारदर्शिता को लेकर उठे सवालों पर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने अपना पक्ष स्पष्ट किया है। ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने कहा है कि मंदिर निर्माण और दान से जुड़े सभी वित्तीय कार्य पूरी पारदर्शिता के साथ किए जा रहे हैं।
ट्रस्ट के महासचिव और मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने कथित वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यदि किसी भी तरह के सवाल उठते हैं तो उनकी जांच जरूरी है। उन्होंने कहा कि राम मंदिर जैसी आस्था से जुड़ी परियोजना में पारदर्शिता सबसे महत्वपूर्ण है।
‘आरोपों की जांच जरूरी’
नृपेंद्र मिश्रा ने कहा कि राम मंदिर निर्माण से जुड़ी हर गतिविधि लोगों की भावनाओं से जुड़ी हुई है। ऐसे में किसी भी प्रकार के आरोपों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और तथ्यों के आधार पर जांच होनी चाहिए।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ट्रस्ट की ओर से दान राशि और खर्च का पूरा रिकॉर्ड रखा जाता है और नियमों के अनुसार सभी प्रक्रियाओं का पालन किया जा रहा है।
दान और खर्च को लेकर उठे थे सवाल
राम मंदिर निर्माण के लिए देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने दान दिया है। इसी दान राशि के इस्तेमाल और वित्तीय प्रक्रियाओं को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं।
ट्रस्ट का कहना है कि दान में मिली राशि का उपयोग मंदिर निर्माण, उससे जुड़ी सुविधाओं और निर्धारित उद्देश्यों के लिए किया जा रहा है। वित्तीय व्यवस्था को मजबूत रखने के लिए अलग-अलग स्तर पर निगरानी की व्यवस्था भी की गई है।
ट्रस्ट ने पारदर्शिता पर दिया जोर
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट लगातार यह कहता रहा है कि मंदिर निर्माण से जुड़े सभी कार्य नियमों और तय प्रक्रियाओं के अनुसार किए जा रहे हैं।
ट्रस्ट के मुताबिक, दानदाताओं का विश्वास बनाए रखना उसकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। इसलिए वित्तीय मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही को प्राथमिकता दी जाती है।
राम मंदिर निर्माण पर देशभर की नजर
अयोध्या में बन रहा राम मंदिर देश के सबसे बड़े धार्मिक और सांस्कृतिक प्रोजेक्ट्स में से एक माना जाता है। मंदिर निर्माण से जुड़ी हर गतिविधि पर देशभर की नजर रहती है।
ऐसे में ट्रस्ट से जुड़े किसी भी विवाद या आरोप पर लोगों की रुचि बढ़ जाती है। ट्रस्ट का कहना है कि वह सभी सवालों का जवाब तथ्यों और नियमों के आधार पर देने के लिए तैयार है।
आगे की प्रक्रिया पर नजर
फिलहाल दान और वित्तीय पारदर्शिता से जुड़े मुद्दों पर ट्रस्ट का रुख स्पष्ट है कि किसी भी आरोप की जांच तथ्यों के आधार पर होनी चाहिए।
नृपेंद्र मिश्रा के बयान के बाद अब इस मामले में आगे की कार्रवाई और जांच प्रक्रिया पर सभी की नजरें बनी हुई हैं।








