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July 11, 2026 3:41 pm

दवाओं की कीमतों पर सरकार का बड़ा कदम, NPPA ने BP-डायबिटीज समेत कई बीमारियों की दवाओं के दाम तय किए

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आम लोगों को महंगी दवाओं से राहत देने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। नेशनल फार्मास्युटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी (NPPA) ने कई जरूरी दवाओं की कीमतें तय कर दी हैं। इस फैसले के तहत ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, हार्ट और अन्य गंभीर बीमारियों के इलाज में इस्तेमाल होने वाली 39 नई दवाओं के अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) निर्धारित किए गए हैं।

सरकार के इस कदम का उद्देश्य जरूरी दवाओं की कीमतों को नियंत्रित करना और मरीजों पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ को कम करना है। खासकर लंबे समय तक दवाएं लेने वाले मरीजों को इससे राहत मिलने की उम्मीद है।

NPPA ने जारी किया नया आदेश

दवाओं की कीमतों को नियंत्रित करने वाली सरकारी संस्था NPPA समय-समय पर आवश्यक दवाओं के दाम तय करती है। इसी प्रक्रिया के तहत नई दवाओं की कीमतों को लेकर आदेश जारी किया गया है।

इस फैसले में कई ऐसी दवाएं शामिल हैं, जिनका इस्तेमाल बड़ी संख्या में मरीज नियमित रूप से करते हैं। इनमें हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, हृदय रोग और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से जुड़ी दवाएं शामिल हैं।

BP और डायबिटीज मरीजों को मिलेगी राहत

ब्लड प्रेशर और डायबिटीज जैसी बीमारियों में मरीजों को लंबे समय तक दवाओं का सेवन करना पड़ता है। ऐसे में दवाओं की कीमतों में छोटी-सी कमी भी मरीजों के मासिक खर्च को प्रभावित करती है।

NPPA के इस फैसले से उन मरीजों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो नियमित रूप से महंगी दवाएं खरीदने को मजबूर होते हैं। सरकार का लक्ष्य है कि जरूरी दवाएं लोगों को उचित कीमत पर उपलब्ध हो सकें।

दवा कंपनियों को कीमतों का पालन करना होगा

NPPA द्वारा तय की गई कीमतें दवा कंपनियों के लिए बाध्यकारी होती हैं। कंपनियों को निर्धारित कीमत से अधिक पर दवाएं बेचने की अनुमति नहीं होती।

यदि कोई कंपनी तय कीमत से ज्यादा मूल्य पर दवा बेचती है, तो उसके खिलाफ नियमों के तहत कार्रवाई की जा सकती है। इससे बाजार में दवाओं की कीमतों पर निगरानी बनी रहती है।

हार्ट और गंभीर बीमारियों की दवाएं भी शामिल

हृदय रोगों से जुड़ी कई दवाएं लंबे समय तक इस्तेमाल की जाती हैं। ऐसे में इनकी कीमतों पर नियंत्रण मरीजों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।

सरकार का कहना है कि आवश्यक दवाओं की उपलब्धता और affordability यानी लोगों की पहुंच में होना स्वास्थ्य व्यवस्था का अहम हिस्सा है। इसी उद्देश्य से समय-समय पर दवाओं के मूल्य की समीक्षा की जाती है।

मरीजों की जेब पर कम होगा बोझ

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, भारत में बड़ी संख्या में लोग लंबे समय तक चलने वाली बीमारियों से जूझ रहे हैं। ऐसे में दवाओं की कीमतों को नियंत्रित करना स्वास्थ्य खर्च को कम करने में मददगार साबित हो सकता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि मरीजों को दवाएं खरीदते समय हमेशा डॉक्टर की सलाह का पालन करना चाहिए और केवल कीमत कम होने के आधार पर दवा बदलने का फैसला नहीं करना चाहिए।

सरकार का फोकस सस्ती और सुलभ स्वास्थ्य सेवा पर

केंद्र सरकार लगातार जरूरी दवाओं को किफायती बनाने के लिए कदम उठा रही है। NPPA के जरिए दवाओं के मूल्य निर्धारण की व्यवस्था यह सुनिश्चित करने की कोशिश करती है कि मरीजों को आवश्यक इलाज उचित कीमत पर मिल सके।

39 नई दवाओं की कीमतें तय करने का फैसला इसी दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आने वाले समय में भी जरूरी दवाओं की कीमतों की समीक्षा जारी रहने की उम्मीद है।

Rashmi Repoter
Author: Rashmi Repoter

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