दिल्ली रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने राजस्थान के सीकर में श्री खाटू श्याम जी मंदिर ट्रस्ट के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल में सीकर के पूर्व सांसद सुमेधानंद सरस्वती और राजस्थान सरकार के शहरी विकास एवं आवास विभाग के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) झबर सिंह खर्रा मौजूद थे। इस दौरान श्री श्याम मंदिर समिति के प्रतिनिधि श्री शक्ति सिंह चौहान, मानवेंद्र सिंह चौहान और मोहन सिंह (दास) चौहान भी उपस्थित थे।
इस बैठक के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने विश्व प्रसिद्ध खाटू श्याम जी मंदिर में आने वाले असंख्य श्रद्धालुओं के लिए रेल संपर्क और यात्री सुविधाओं को और मजबूत करने के उपायों पर चर्चा की इस बैठक के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने विश्व प्रसिद्ध खाटू श्याम जी मंदिर में आने वाले असंख्य श्रद्धालुओं के लिए रेल संपर्क और यात्री सुविधाओं को और मजबूत करने के उपायों पर चर्चा की। प्रतिनिधिमंडल ने बुनियादी ढांचे में सुधार और तीर्थयात्रियों के यात्रा अनुभव को बेहतर बनाने के लिए भारतीय रेलवे द्वारा किए जा रहे निरंतर प्रयासों के लिए रेल मंत्री के प्रति आभार भी व्यक्त किया।

इस अवसर पर रेल मंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को बताया गया कि नए स्टेशन के निर्माण से खाटू श्याम जी के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर, सुरक्षित और अधिक सुविधाजनक रेल सेवाएं मिलेंगी। यह स्टेशन सीकर-रिंगास रेल खंड पर पालसाना और बाओरी ठिकरिया स्टेशनों के बीच विकसित किया जाएगा।

वैष्णव ने कहा कि परियोजना से संबंधित तकनीकी कार्य पहले किए जाएंगे। इसमें मौजूदा रेलवे लाइनों से संबंधित सभी अभियांत्रिकी और सिग्नलिंग कार्य, नई रेलवे लाइन का निर्माण और मौजूदा नेटवर्क के साथ उसका एकीकरण शामिल होगा। इसके बाद स्टेशन भवन का निर्माण शुरू होगा।
प्रसिद्ध खाटू श्याम जी मंदिर से लगभग 11 किलोमीटर दूर स्थित प्रस्तावित स्टेशन भवन को राजस्थान की समृद्ध स्थापत्य और सांस्कृतिक विरासत के अनुरूप तैयार किया जाएगा। इसमें आधुनिक बुकिंग कार्यालय, विशाल प्रतीक्षा कक्ष, स्वच्छ शौचालय, यात्री-अनुकूल सुविधाएं और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं होंगी ताकि यात्रियों को आरामदायक यात्रा का अनुभव मिल सके।
इस स्टेशन के विकास से हर साल खाटू श्याम जी दर्शन करने आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए रेल सुविधा में उल्लेखनीय सुधार होने की उम्मीद है। यात्रियों की सुविधा बढ़ाने के साथ-साथ, यह परियोजना क्षेत्रीय संपर्क को मजबूत करेगी, पर्यटन को बढ़ावा देगी, स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को गति देगी और क्षेत्र में रेलवे बुनियादी ढांचे को और मजबूत करेगी।
प्रस्तावित स्टेशन आधुनिक, यात्री-केंद्रित बुनियादी ढांचे के विकास के प्रति भारतीय रेलवे की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इसके साथ ही तीर्थयात्रियों और स्थानीय समुदायों की बढ़ती आवागमन संबंधी जरूरतों को भी पूरा करता है।








