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June 28, 2026 2:52 pm

सरिस्का टाइगर मॉडल की चर्चा करने देशभर से वन विशेषज्ञ अलवर में , भव्य राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन

सरिस्का टाइगर मॉडल
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अलवर Tiger Reintroduction परियोजना के 18 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आज सरिस्का में एक भव्य राष्ट्रीय सेमिनार आयोजित किया गया है, जिसमें देशभर के वन्यजीव संरक्षण से जुड़े शीर्ष अधिकारी, वैज्ञानिक, नीति निर्माता और टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर भाग ले रहे हैं।

यह आयोजन केवल एक वर्षगांठ नहीं, बल्कि उस ऐतिहासिक सफर का उत्सव है जिसने एक ऐसे जंगल को फिर से जीवित कर दिया, जहां कभी बाघों की दहाड़ पूरी तरह समाप्त हो चुकी थी। राष्ट्रीय सेमिनार का उद्घाटन केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव तथा राजस्थान के वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री संजय शर्मा ने किया।

अपने संबोधन में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरिस्का की सफलता केवल राजस्थान की नहीं बल्कि पूरे भारत की उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि भारत आज विश्व में सबसे अधिक जंगली बाघों वाला देश है और सरिस्का इसका जीवंत उदाहरण है कि वैज्ञानिक योजना, राजनीतिक इच्छाशक्ति और स्थानीय समुदाय की भागीदारी से विलुप्त हो चुकी वन्यजीव आबादी को भी पुनर्जीवित किया जा सकता है।

NTCA के DG सुशील अवस्थी बोले— “सरिस्का ने इतिहास रचा”

राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) के महानिदेशक सुशील अवस्थी ने कहा—

“आज वही ऐतिहासिक दिन है जब 18 वर्ष पहले सरिस्का में बाघों की वापसी की शुरुआत हुई थी। सरिस्का ने इतिहास रचा है और अब हम पूरे देश में वन्यजीव गलियारों (Wildlife Corridors) को मजबूत करने पर काम कर रहे हैं ताकि बाघों और अन्य वन्यजीवों का सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित हो सके।”

उन्होंने बताया कि भविष्य में संरक्षण केवल संरक्षित क्षेत्रों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि लैंडस्केप स्तर पर संरक्षण रणनीति विकसित की जाएगी।

इन वरिष्ठ अधिकारियों की रही महत्वपूर्ण भूमिका

इस राष्ट्रीय सेमिनार में देशभर के वन विभाग और वन्यजीव संरक्षण से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। मुख्य प्रतिभागियों में शामिल हैं—

केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव
राजस्थान के वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री संजय शर्मा
NTCA के महानिदेशक सुशील अवस्थी
अतिरिक्त महानिदेशक (वन) संजय कुमार
इंटरनेशनल बिग कैट अलायंस (IBCA) के महानिदेशक एस. पी. यादव
देश के 11 राज्यों के मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक (Chief Wildlife Wardens)
20 से अधिक टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर
वरिष्ठ भारतीय वन सेवा (IFS) अधिकारी
वन्यजीव वैज्ञानिक
संरक्षण जीवविज्ञानी
अनुसंधान संस्थानों के विशेषज्ञ
राजस्थान वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी

इन सभी अधिकारियों ने भविष्य की संरक्षण नीति, आधुनिक तकनीक, मानव-वन्यजीव संघर्ष, कॉरिडोर विकास और वैज्ञानिक मॉनिटरिंग पर विचार साझा किए।

Devender Singh
Author: Devender Singh

tv journalist with a 25 years of experience. Earlier worked for etv,indianews, sahara samay, bharat express etc

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