जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बुधवार (24 जून 2026) को अपने विधानसभा क्षेत्र सांगानेर को विकास की बड़ी सौगात दी। मुख्यमंत्री ने क्षेत्र में ₹631 करोड़ से अधिक लागत वाले कुल 1,538 विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया।
इस मेगा विकास कार्यक्रम के तहत सांगानेर क्षेत्र में सड़क, स्वास्थ्य, सीवरेज, सफाई व्यवस्था और अन्य बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने पर फोकस किया गया है।
1,350 कार्य पूरे, 188 परियोजनाओं की रखी नींव
कार्यक्रम में ₹208 करोड़ से अधिक लागत वाले 1,350 विकास कार्यों का लोकार्पण कर इन्हें जनता को समर्पित किया गया। वहीं ₹422 करोड़ से ज्यादा लागत वाले 188 नए विकास कार्यों का शिलान्यास किया गया।
मुहाना मोड़ फ्लाईओवर से मिलेगी ट्रैफिक जाम से राहत
जयपुर-भीलवाड़ा रोड स्थित मुहाना मोड़ जंक्शन पर ट्रैफिक समस्या को देखते हुए ₹124 करोड़ की लागत से बनने वाले फ्लाईओवर का शिलान्यास किया गया। इस प्रोजेक्ट से क्षेत्र में यातायात व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद है।
सीवरेज और STP परियोजना को मजबूती
बंबाला क्षेत्र में सीवरेज सिस्टम को बेहतर बनाने के लिए ₹88 करोड़ से अधिक लागत वाली सीवरेज, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) और मुख्य ट्रंक लाइन परियोजना की शुरुआत की गई।
स्वास्थ्य सुविधाओं का होगा विस्तार
कार्यक्रम के दौरान भांकरोटा में ट्रॉमा सेंटर और पृथ्वीराज नगर में सैटेलाइट अस्पताल की आधारशिला रखी गई। इससे आसपास के क्षेत्रों में चिकित्सा सुविधाओं को मजबूती मिलने की संभावना है।
सफाई व्यवस्था होगी हाईटेक
जयपुर की सफाई व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए 5 अत्याधुनिक मैकेनिकल लिटर पिकर मशीनों और सीवरेज सफाई के लिए सुपर सकर मशीनों को हरी झंडी दिखाई गई।
ग्रामीणों को मिले स्वामित्व कार्ड
कार्यक्रम में ग्रामीण आबादी को संपत्ति का कानूनी अधिकार देने के लिए स्वामित्व कार्ड (पट्टे) भी वितरित किए गए। राज्य में ड्रोन सर्वे के माध्यम से अब तक करीब 8 हजार गांवों में 14 लाख से ज्यादा स्वामित्व कार्ड जारी किए जा चुके हैं।
जयपुर मेट्रो फेज-2 पर बड़ा ऐलान
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कार्यक्रम के दौरान जयपुर मेट्रो फेज-2 को लेकर भी बड़ी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 4 जुलाई 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ₹13,000 करोड़ से अधिक लागत वाले जयपुर मेट्रो फेज-2 (प्रहलादपुरा से पिंजरापोल गौशाला मार्ग) का शिलान्यास करेंगे। यह परियोजना राजधानी जयपुर की बढ़ती यातायात जरूरतों को देखते हुए एक बड़ा कदम मानी जा रही है।








