राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। इसी क्रम में CJP (Cockroach Janta Party) ने बड़ा ऐलान करते हुए अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। संगठन का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, उनका आंदोलन जारी रहेगा।
जंतर-मंतर पर बढ़ा विरोध प्रदर्शन
जानकारी के अनुसार, CJP के कार्यकर्ता और समर्थक बड़ी संख्या में जंतर-मंतर पहुंचे और शांतिपूर्ण तरीके से धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए शिक्षा व्यवस्था में सुधार और जवाबदेही की मांग की।
धरने में शामिल लोगों का कहना है कि हाल के वर्षों में परीक्षा प्रणाली और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े मुद्दों को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं, जिनका समाधान अभी तक नहीं किया गया है।
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
CJP ने स्पष्ट कहा है कि उनकी मुख्य मांग शिक्षा मंत्री का इस्तीफा है। संगठन का आरोप है कि शिक्षा व्यवस्था में कथित अनियमितताओं और परीक्षा से जुड़े विवादों की जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जब तक सरकार इस पर ठोस कदम नहीं उठाती, तब तक उनका आंदोलन अनिश्चितकाल तक जारी रहेगा।
परीक्षा विवादों का जिक्र
धरने के दौरान कई प्रदर्शनकारियों ने हाल के वर्षों में सामने आए परीक्षा विवादों और पेपर लीक मामलों का भी जिक्र किया। उनका कहना है कि इन घटनाओं ने लाखों छात्रों के भविष्य को प्रभावित किया है।
हालांकि, सरकार की ओर से इन मुद्दों पर समय-समय पर सफाई दी जाती रही है, लेकिन प्रदर्शनकारी इससे संतुष्ट नहीं हैं।
प्रशासन अलर्ट पर
जंतर-मंतर पर स्थिति को देखते हुए दिल्ली पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए पूरे क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है।
शांतिपूर्ण आंदोलन का दावा
CJP के नेताओं ने कहा है कि उनका आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण है और वे लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगें उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई केवल एक पद के खिलाफ नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए है।
निष्कर्ष
CJP द्वारा जंतर-मंतर पर शुरू किया गया अनिश्चितकालीन धरना अब शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर एक बड़े आंदोलन का रूप लेता दिख रहा है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा राजनीतिक और शैक्षणिक दोनों स्तरों पर और अधिक चर्चा में रह सकता है।








