बीकानेर: राजस्थान के बीकानेर जिले के महाजन क्षेत्र में शनिवार को मौसम ने अचानक करवट ली और तेज बवंडर ने पूरे इलाके को अपनी चपेट में ले लिया। देखते ही देखते आसमान में धूल का विशाल गुबार छा गया, जिससे दिन के समय ही अंधेरे जैसे हालात बन गए। बवंडर का असर इतना ज्यादा था कि सड़क पर चल रहे वाहनों को दिन में ही हेडलाइट जलाकर सफर करना पड़ा।
स्थानीय लोगों के अनुसार, दोपहर के समय अचानक तेज हवाओं के साथ धूल का गुबार उठना शुरू हुआ। कुछ ही मिनटों में पूरा इलाका धूल से ढक गया और दृश्यता काफी कम हो गई। कई जगह लोगों को अपने घरों और दुकानों के दरवाजे-खिड़कियां बंद करनी पड़ीं। धूल भरी हवाओं के कारण खुले स्थानों पर मौजूद लोगों को सुरक्षित जगहों की ओर भागना पड़ा।
बवंडर के चलते सड़कों पर यातायात भी प्रभावित हुआ। वाहन चालकों को सामने का रास्ता साफ दिखाई नहीं देने के कारण बेहद सावधानी से वाहन चलाने पड़े। कई दोपहिया वाहन चालक सड़क किनारे रुक गए, जबकि कार और ट्रक चालकों ने हेडलाइट जलाकर आगे बढ़ना सुरक्षित समझा। दृश्यता कम होने से कुछ समय के लिए यातायात की रफ्तार भी धीमी पड़ गई।
मौसम के इस अचानक बदले रूप का असर पशुओं पर भी देखने को मिला। तेज हवाओं और उड़ती धूल से घबराकर कई मवेशी इधर-उधर भागने लगे। ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालकों को अपने पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। कुछ स्थानों पर पशु बाड़ों से निकलकर खुले मैदानों की ओर दौड़ते नजर आए, जिससे लोगों में चिंता का माहौल बन गया।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि क्षेत्र में इस तरह का बवंडर काफी समय बाद देखने को मिला है। धूल के घने गुबार के कारण कई घरों में भी अंधेरा छा गया और लोगों को दिन में ही बिजली की लाइटें जलानी पड़ीं। बच्चों और बुजुर्गों को घरों के अंदर रहने की सलाह दी गई ताकि उन्हें धूल और तेज हवाओं से होने वाली परेशानी से बचाया जा सके।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, राजस्थान के पश्चिमी हिस्सों में तापमान में वृद्धि और वातावरण में बने दबाव के कारण इस तरह के बवंडर और धूल भरी आंधी की घटनाएं देखने को मिलती हैं। उन्होंने लोगों को खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है।
हालांकि इस बवंडर से किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं मिली है, लेकिन कुछ स्थानों पर पेड़ों की टहनियां टूटने और अस्थायी ढांचों को नुकसान पहुंचने की खबरें सामने आई हैं। प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर राहत एवं सहायता के लिए टीमों को तैयार रखा गया है।
महाजन और आसपास के क्षेत्रों में बवंडर की यह घटना पूरे दिन चर्चा का विषय बनी रही। अचानक दिन में अंधेरे जैसे हालात और धूल के विशाल गुबार ने लोगों को मौसम की ताकत का एहसास करा दिया। स्थानीय लोग अब मौसम के सामान्य होने का इंतजार कर रहे हैं, जबकि प्रशासन ने सतर्क रहने की अपील की है।








