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April 5, 2026 10:53 pm

एक हादसे ने छीन लिया सब कुछ, नियमों में फंसी मदद—बुजुर्ग की दर्दभरी कहानी

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जैसलमेर: राजस्थान के Jaisalmer में हुए दर्दनाक बस हादसे ने एक बुजुर्ग की पूरी दुनिया उजाड़ दी। इस हादसे में उनके बेटे, बहू और तीन मासूम पोते-पोतियों की जिंदा जलकर मौत हो गई। एक ही पल में परिवार के पांच सदस्यों को खो देने के बाद अब यह बुजुर्ग न केवल गहरे सदमे में हैं, बल्कि सरकारी मदद के लिए दर-दर भटकने को भी मजबूर हैं।

बताया जा रहा है कि यह हादसा इतना भयानक था कि बस में आग लगने के कारण कई यात्रियों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। बुजुर्ग का परिवार भी उसी बस में सवार था और आग की चपेट में आ गया। हादसे के बाद से ही बुजुर्ग पूरी तरह अकेले पड़ गए हैं—न कोई सहारा, न कोई संभालने वाला।

दुख की बात यह है कि इस त्रासदी के बाद भी उन्हें सरकारी सहायता आसानी से नहीं मिल पा रही है। नियमों और प्रक्रियाओं में उलझकर उनकी मदद अटक गई है। अधिकारियों के मुताबिक, राहत राशि के लिए कुछ जरूरी दस्तावेज और औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी, लेकिन बुजुर्ग की हालत ऐसी नहीं है कि वे इन जटिल प्रक्रियाओं को आसानी से पूरा कर सकें।

बुजुर्ग का कहना है कि उन्होंने कई बार संबंधित दफ्तरों के चक्कर लगाए, लेकिन हर बार उन्हें नए कागजात लाने या किसी अन्य प्रक्रिया का हवाला देकर वापस भेज दिया गया। उनका दर्द साफ झलकता है—“मैंने अपना पूरा परिवार खो दिया, अब मदद के लिए भी भटकना पड़ रहा है।”

स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने इस मामले को गंभीरता से उठाया है और प्रशासन से मांग की है कि ऐसे मामलों में मानवीय दृष्टिकोण अपनाया जाए। उनका कहना है कि जब कोई व्यक्ति इतनी बड़ी त्रासदी से गुजर रहा हो, तो उसे कागजी प्रक्रिया में उलझाने के बजाय तुरंत राहत दी जानी चाहिए।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला केवल एक व्यक्ति की समस्या नहीं है, बल्कि यह सिस्टम की उन कमियों को उजागर करता है, जहां जरूरतमंद लोगों तक समय पर मदद नहीं पहुंच पाती। ऐसी घटनाएं प्रशासनिक सुधार और प्रक्रियाओं को सरल बनाने की जरूरत को भी सामने लाती हैं।

फिलहाल, Jaisalmer प्रशासन ने मामले को देखने और आवश्यक सहायता देने का आश्वासन दिया है। लेकिन सवाल अब भी कायम है—क्या इस बुजुर्ग को समय रहते राहत मिल पाएगी, या उन्हें इसी तरह संघर्ष करना पड़ेगा?

यह कहानी सिर्फ एक हादसे की नहीं, बल्कि उस दर्द और संघर्ष की है, जो किसी भी इंसान को अंदर तक तोड़ देता है।

Rashmi Repoter
Author: Rashmi Repoter

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