जयपुर में सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देने वाली एक बड़ी घटना सामने आई है, जहां लाखों रुपये मूल्य के चंदन के पेड़ रहस्यमय तरीके से गायब हो गए। बताया जा रहा है कि इन पेड़ों की सुरक्षा के लिए करीब 30 गार्ड तैनात थे, इसके बावजूद यह बड़ी चोरी हो गई। इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सूत्रों के अनुसार, जिन चंदन के पेड़ों की चोरी हुई है, वे लगभग 60 साल पुराने थे और उनकी बाजार में कीमत लाखों रुपये में आंकी जा रही है। इतने वर्षों से संरक्षित इन पेड़ों की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए गए थे, जिसमें 24 घंटे निगरानी और गार्डों की तैनाती शामिल थी। इसके बावजूद चोरों ने बेहद सुनियोजित तरीके से वारदात को अंजाम दिया और किसी को भनक तक नहीं लगी।
घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। स्थानीय प्रशासन और संबंधित एजेंसियों पर लापरवाही के आरोप लग रहे हैं। सवाल उठ रहे हैं कि जब इतनी बड़ी संख्या में सुरक्षा कर्मी तैनात थे, तब इतनी बड़ी चोरी कैसे संभव हुई। यह भी आशंका जताई जा रही है कि चोरी किसी अंदरूनी जानकारी या मिलीभगत का नतीजा हो सकती है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जाएगा। आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और गार्डों से भी पूछताछ की जा रही है।
इस घटना ने एक बार फिर से यह साबित कर दिया है कि महंगी और दुर्लभ संपत्तियों की सुरक्षा केवल गार्डों की तैनाती से नहीं, बल्कि मजबूत तकनीकी निगरानी और सख्त प्रबंधन से ही संभव है। फिलहाल इस मामले में आगे की जांच जारी है और प्रशासन पर भी दबाव बढ़ रहा है कि वह जल्द से जल्द इस चोरी का खुलासा करे।







