राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू अपने वृंदावन दौरे के दौरान प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज से मिलीं। इस दौरान राष्ट्रपति ने संत के सामने हाथ जोड़कर प्रणाम किया और उनका आशीर्वाद लिया। मुलाकात का यह दृश्य बेहद श्रद्धा और आध्यात्मिक माहौल से भरा हुआ था। बताया जा रहा है कि राष्ट्रपति अपने परिवार के साथ वृंदावन पहुंची थीं और करीब 25 मिनट तक संत प्रेमानंद के साथ चर्चा की।
वृंदावन पहुंचीं राष्ट्रपति मुर्मू
जानकारी के अनुसार, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू निजी दौरे पर वृंदावन आई थीं। यहां उन्होंने धार्मिक स्थलों के दर्शन किए और संत प्रेमानंद महाराज से मिलने उनके आश्रम पहुंचीं।
राष्ट्रपति के पहुंचने पर आश्रम में विशेष व्यवस्था की गई थी और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।
संत प्रेमानंद से हुई आध्यात्मिक चर्चा
मुलाकात के दौरान संत प्रेमानंद ने राष्ट्रपति का स्वागत “राधे-राधे” कहकर किया। राष्ट्रपति ने भी विनम्रता से हाथ जोड़कर प्रणाम किया।
दोनों के बीच करीब 25 मिनट तक बातचीत हुई, जिसमें आध्यात्मिक विषयों, समाज और देश के कल्याण से जुड़ी बातों पर चर्चा होने की जानकारी मिली है।
परिवार के साथ किया दर्शन
राष्ट्रपति इस दौरे पर अपने परिवार के सदस्यों के साथ थीं। उन्होंने वृंदावन के कई धार्मिक स्थलों पर दर्शन किए और पूजा-अर्चना की।
स्थानीय लोगों के लिए यह क्षण खास रहा, क्योंकि राष्ट्रपति के आगमन से पूरे इलाके में उत्साह का माहौल देखा गया।
श्रद्धा और सादगी की झलक
मुलाकात के दौरान राष्ट्रपति का सादगी भरा अंदाज देखने को मिला। उन्होंने संत के सामने पूरी विनम्रता के साथ हाथ जोड़कर अभिवादन किया, जिसे देखकर वहां मौजूद लोग भावुक हो गए।
सोशल मीडिया पर भी इस मुलाकात की तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं।
प्रशासन की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था
राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए प्रशासन ने वृंदावन में सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए थे। आश्रम और आसपास के इलाकों में पुलिस बल तैनात किया गया था ताकि कार्यक्रम शांतिपूर्वक संपन्न हो सके।
निष्कर्ष
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और संत प्रेमानंद महाराज की मुलाकात आध्यात्मिक और भावनात्मक क्षणों से भरी रही। हाथ जोड़कर प्रणाम और ‘राधे-राधे’ के साथ हुई यह मुलाकात लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है और इसे श्रद्धा और सादगी का सुंदर उदाहरण माना जा रहा है।






