अमेरिका में सुरक्षा एजेंसियों में उस समय हड़कंप मच गया जब देश के विदेश मंत्री और रक्षा मंत्री के आवास के ऊपर संदिग्ध ड्रोन उड़ते हुए देखे गए। घटना के बाद तुरंत उच्च स्तरीय अलर्ट जारी किया गया और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के लिए इमरजेंसी मीटिंग बुलाई गई। अधिकारियों ने इसे गंभीर सुरक्षा चूक मानते हुए जांच शुरू कर दी है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दोनों वरिष्ठ नेताओं के सरकारी आवास के ऊपर देर रात कुछ ड्रोन मंडराते हुए दिखाई दिए। सुरक्षा में तैनात एजेंसियों ने तुरंत एयरस्पेस को अलर्ट पर डाल दिया और ड्रोन की गतिविधियों को ट्रैक करने की कोशिश की। शुरुआती जांच में यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि ड्रोन किसने उड़ाए और उनका उद्देश्य क्या था।
घटना के बाद व्हाइट हाउस, रक्षा विभाग और होमलैंड सिक्योरिटी से जुड़े अधिकारियों की एक आपात बैठक बुलाई गई। इस बैठक में दोनों मंत्रियों की सुरक्षा बढ़ाने, उनके आवास की निगरानी सख्त करने और जरूरत पड़ने पर उन्हें अस्थायी रूप से दूसरी सुरक्षित जगह पर शिफ्ट करने पर भी चर्चा की गई।
अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि ड्रोन के जरिए जासूसी या सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी जुटाने की कोशिश की जा सकती है। पिछले कुछ वर्षों में संवेदनशील ठिकानों के ऊपर ड्रोन देखे जाने की घटनाएं बढ़ी हैं, जिसके बाद से अमेरिका ने नो-फ्लाई जोन नियम और सख्त कर दिए हैं।
अधिकारियों ने बताया कि जिस इलाके में दोनों मंत्रियों के आवास हैं, वहां ड्रोन उड़ाने की अनुमति नहीं है। ऐसे में बिना अनुमति ड्रोन का वहां पहुंचना सुरक्षा के लिहाज से बेहद गंभीर माना जा रहा है। घटना के बाद आसपास के इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए हैं।
फिलहाल जांच एजेंसियां ड्रोन के स्रोत और उसे उड़ाने वाले व्यक्ति या समूह का पता लगाने में जुटी हैं। अधिकारियों का कहना है कि अगर यह जानबूझकर की गई हरकत साबित होती है तो इसे राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मामला माना जाएगा और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।






