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September 23, 2026 11:59 am

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ओ चेतना के पुत्र !

मैंने तुझे ऐश्वर्यवान उत्पन्न किया, फिर तू स्वयं को दरिद्रता के तल पर क्यों ला रहा है? मैंने तुझे श्रेष्ठ बनाया है, फिर तू स्वयं को क्यों गिरा रहा है? ज्ञान के सार से मैंने तुझे अस्तित्व दिया, फिर तू मेरे अतिरिक्त किसी अन्य से ज्ञान पाना क्यों चाहता है ? प्रेम की माटी से मैंने तुझे गढ़ा, फिर तू किसी अन्य के साथ क्यों जुड़ गया ? अपनी दृष्टि अपने अंदर डाल ताकि तू मुझ शक्तिशाली, शौर्यवान तथा स्वयंजीवी को अपने भीतर खड़ा देख सके।

 

बहाउल्लाह~

Rashmi Repoter
Author: Rashmi Repoter

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