शरीर को स्वस्थ रखने के लिए आयरन एक बेहद जरूरी मिनरल है। आयरन की कमी होने पर शरीर में हीमोग्लोबिन का स्तर कम होने लगता है, जिससे एनीमिया, कमजोरी और बार-बार इंफेक्शन होने का खतरा बढ़ जाता है। डॉक्टरों के अनुसार आजकल खराब खान-पान, अनियमित दिनचर्या और पोषक तत्वों की कमी के कारण आयरन डेफिशिएंसी की समस्या तेजी से बढ़ रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि शरीर समय-समय पर कुछ संकेत देता है, जिन्हें नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। अगर समय रहते आयरन की कमी को पहचान लिया जाए तो डाइट और इलाज से इसे आसानी से ठीक किया जा सकता है।
आयरन डेफिशिएंसी के 12 संकेत
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लगातार थकान और कमजोरी महसूस होना
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चेहरा पीला पड़ना
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बार-बार चक्कर आना
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सांस फूलना
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दिल की धड़कन तेज होना
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सिरदर्द रहना
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हाथ-पैर ठंडे रहना
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बाल झड़ना
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नाखून कमजोर होना या टूटना
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ध्यान लगाने में परेशानी
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बार-बार बीमार पड़ना
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जीभ या मुंह में जलन महसूस होना
डॉक्टरों के अनुसार ये सभी लक्षण शरीर में हीमोग्लोबिन कम होने का संकेत हो सकते हैं। लंबे समय तक आयरन की कमी रहने पर एनीमिया, इम्यूनिटी कमजोर होना और इंफेक्शन का खतरा बढ़ सकता है।
क्यों होती है आयरन की कमी
विशेषज्ञों के मुताबिक शरीर में आयरन की कमी के कई कारण हो सकते हैं
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पोषक आहार की कमी
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ज्यादा जंक फूड खाना
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महिलाओं में ज्यादा ब्लीडिंग
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पेट की बीमारी या पाचन की समस्या
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बार-बार डाइटिंग करना
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गर्भावस्था के दौरान पोषण की कमी
डाइट में शामिल करें ये रेड लीफी ग्रीन्स
डॉक्टर सलाह देते हैं कि आयरन की कमी को दूर करने के लिए खान-पान में हरी पत्तेदार सब्जियां जरूर शामिल करनी चाहिए।
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पालक
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बथुआ
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चौलाई
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सरसों का साग
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चुकंदर के पत्ते
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मेथी
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हरा धनिया
इन सब्जियों में आयरन के साथ-साथ फोलिक एसिड और विटामिन भी होते हैं, जो खून बढ़ाने में मदद करते हैं।
आयरन की कमी से बचने के तरीके
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रोजाना संतुलित आहार लें
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फल और हरी सब्जियां खाएं
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ज्यादा चाय-कॉफी से बचें
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समय-समय पर ब्लड टेस्ट कराएं
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डॉक्टर की सलाह से आयरन सप्लीमेंट लें
विशेषज्ञों का कहना है कि शरीर में कमजोरी, चक्कर या बार-बार बीमार पड़ना जैसी समस्या को हल्के में नहीं लेना चाहिए। ये आयरन की कमी के संकेत हो सकते हैं, इसलिए समय पर जांच और सही डाइट से एनीमिया और इंफेक्शन जैसी गंभीर समस्याओं से बचा जा सकता है।






