नई दिल्ली, 17 मार्च 2026: मध्य पूर्व में आग लगी हुई है। अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लगभग बंद कर दिया है – दुनिया का वो सबसे महत्वपूर्ण तेल-गैस का गलियारा, जहां से रोजाना करोड़ों बैरल तेल गुजरता है। वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतें 200 डॉलर के पार पहुंच गई हैं, गैस सिलेंडर की किल्लत हो रही है, और कई देशों के जहाज फंसे हुए हैं। लेकिन इस युद्ध की आग में भी भारत ने कमाल का दांव चला दिया है – ‘दोस्ती का जादुई रास्ता’ निकाल लिया!
ईरान ने साफ ऐलान कर दिया है कि होर्मुज स्ट्रेट अमेरिका और इजरायल से जुड़े जहाजों के लिए बंद है, लेकिन बाकी देशों – खासकर भारत – के जहाजों को सुरक्षित गुजरने की इजाजत है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची और भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फतहली ने बार-बार कहा है, “भारत हमारा दोस्त है, हमारे साझा हित हैं। हम नहीं चाहते कि भारत जैसे देशों को नुकसान हो।” इसी ‘दोस्ती’ के चलते पिछले कुछ दिनों में भारतीय झंडे वाले कई जहाज – जैसे शिवालिक, नंदा देवी और अन्य एलपीजी कैरियर – होर्मुज से बिना किसी रुकावट के गुजर चुके हैं। इन जहाजों पर लाखों मीट्रिक टन एलपीजी और तेल लदा है, जो अब भारत के पोर्ट्स (मुंद्रा, कांडला आदि) की ओर बढ़ रहे हैं।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने इसे भारत की कूटनीति की बड़ी जीत बताया है। उन्होंने कहा, “हमने ईरान के साथ सीधी बातचीत की, कारण बताया और समन्वय किया। युद्ध में भी डिप्लोमेसी काम करती है – इससे बेहतर रास्ता और क्या हो सकता है?” जयशंकर ने साफ किया कि कोई ‘सीक्रेट डील’ नहीं है, बस दोनों देशों के बीच लंबे रिश्ते और साझा हितों की वजह से ये व्यवस्था बनी। ईरान ने कुछ जहाजों को गुजरने दिया है, और बाकी 20-22 भारतीय जहाजों के लिए भी बात चल रही है।
ये रास्ता भारत के लिए ‘लाइफलाइन’ साबित हो रहा है। दुनिया में जहां तेल-गैस का संकट गहरा रहा है, वहां भारत ने अपनी एनर्जी सिक्योरिटी बचाई है। ईरान ने बदले में कुछ शर्तें भी रखी हैं – जैसे जब्त तीन तेल टैंकरों की रिहाई – लेकिन भारत ने बैलेंसिंग एक्ट जारी रखा है। न तो अमेरिका-इजरायल के साथ पूरी तरह खड़ा हुआ, न ही ईरान से दूरी बनाई। BRICS की अध्यक्षता में भी भारत ने संतुलन बनाए रखा।
विशेषज्ञों का कहना है कि ये भारत की ‘मल्टी-एलाइनमेंट’ नीति का असली कमाल है। जब ट्रंप नौसेना भेजने की अपील कर रहे हैं और दुनिया हांफ रही है, भारत ने बातचीत से रास्ता निकाल लिया। होर्मुज में जहाज सुरक्षित गुजर रहे हैं, भारतीय नाविक सुरक्षित हैं, और घरेलू बाजार में गैस-पेट्रोल की कमी से राहत मिल रही है।
कह सकते हैं – चाहे कितना भी धमाका हो ईरान-इजरायल-अमेरिका का, भारत ने ‘दोस्ती का जादुई रास्ता’ निकाल लिया! ये है असली कूटनीति की ताकत। जय हो!






