उत्तर प्रदेश के तराई बेल्ट में स्थित उचौलिया थाना क्षेत्र के एक गांव में दलित नाबालिग किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया है। पीड़िता के पिता की तहरीर पर पुलिस ने चार युवकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले में पॉक्सो एक्ट और एससी-एसटी एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए जांच शुरू कर दी गई है। क्षेत्राधिकारी (सीओ) ने भी गांव पहुंचकर घटना की जानकारी ली और पुलिस को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
पीड़ित पिता के अनुसार उनकी 16 वर्षीय पुत्री रविवार सुबह घर से घास काटने के लिए खेतों की ओर गई थी, लेकिन दोपहर तक वापस नहीं लौटी। काफी देर तक घर न आने पर परिवार वालों ने उसकी तलाश शुरू की। देर शाम गांव के बाहर सरसों के खेत में किशोरी डरी-सहमी हालत में मिली। परिजन उसे घर लाए तो उसने अपने साथ हुई घटना की जानकारी दी।
किशोरी का आरोप है कि घास काटने के दौरान गांव के ही अंकित, अजीत, अजय और लाला नाम के युवक उसे जबरन खेत की ओर खींच ले गए। वहां आरोपियों ने उसे धमकाते हुए उसके साथ जबरदस्ती की और सामूहिक दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। घटना के बाद सभी युवक उसे डराकर मौके से फरार हो गए।
परिजनों ने घटना की जानकारी मिलते ही किशोरी को लेकर थाने पहुंचकर पुलिस को तहरीर दी। थाना प्रभारी गोपाल नारायण सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है।
हालांकि पुलिस की शुरुआती जांच में मामला कुछ अलग सामने आ रहा है। थाना प्रभारी का कहना है कि प्रथम दृष्टया जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपित युवकों में से एक के साथ किशोरी के पहले से प्रेम संबंध थे। ग्रामीणों ने दोनों को आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया था, जिसके बाद किशोरी डर के कारण घर जाने की बजाय खेत में छुप गई थी।
पुलिस का कहना है कि मामला संवेदनशील है और नाबालिग से जुड़ा होने के कारण हर पहलू से जांच की जा रही है। मेडिकल रिपोर्ट, पीड़िता के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है। पीड़ित परिवार आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहा है, जबकि पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आएगी और उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।






