आज सोमवार को भारतीय सर्राफा बाजार में सोना और चांदी के भाव में भारी गिरावट देखी गई है। MCX पर गोल्ड फ्यूचर्स (अप्रैल कॉन्ट्रैक्ट) में 1.27% से ज्यादा की गिरावट के साथ भाव ₹1,56,790 प्रति 10 ग्राम तक लुढ़क गया, जबकि रिटेल मार्केट में 24 कैरेट सोना प्रति ग्राम ₹15,965 पर ट्रेड कर रहा है। चांदी भी 2% से ज्यादा टूटकर ₹2,74,900 प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई है। यह गिरावट पिछले कुछ दिनों की तेजी के बाद आई है, जहां ईरान युद्ध के कारण भाव ऊंचे थे, लेकिन अब मजबूत डॉलर और महंगाई की आशंकाओं ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है।
आज के प्रमुख भाव (रिटेल मार्केट, 16 मार्च 2026 सुबह तक):
- 24 कैरेट सोना (प्रति ग्राम): ₹15,965 (दिल्ली में ₹15,980, मुंबई में ₹15,965, चेन्नई में ₹16,101)
- 22 कैरेट सोना (प्रति ग्राम): ₹14,634 (दिल्ली में ₹14,649, मुंबई में ₹14,634)
- 18 कैरेट सोना (प्रति ग्राम): ₹11,973
- चांदी (प्रति किलोग्राम): ₹2,74,900 (925 स्टर्लिंग सिल्वर के आसपास)
- MCX गोल्ड (अप्रैल फ्यूचर्स): ₹1,56,790 प्रति 10 ग्राम (पिछले क्लोज से ₹2,010 की गिरावट)
- MCX चांदी (मई फ्यूचर्स): ₹2,74,000 के आसपास (₹2,000+ की गिरावट)
यह गिरावट मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कॉमेक्स गोल्ड के $5,000-$5,023 प्रति औंस के आसपास स्थिर रहने और मजबूत अमेरिकी डॉलर से आई है। ईरान युद्ध के शुरुआती दिनों में (फरवरी-मार्च के पहले हफ्ते) सोना $5,400 तक पहुंच गया था, क्योंकि होर्मुज़ स्ट्रेट बंद होने और तेल कीमतों में उछाल ($100+ प्रति बैरल) से सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ी थी। लेकिन अब युद्ध के लंबे खिंचने से महंगाई बढ़ने की आशंका और अमेरिकी फेड से रेट कट की उम्मीदें कम होने से गोल्ड पर दबाव है।
विश्लेषकों का कहना है कि ईरान युद्ध का असर अभी भी अनिश्चित है। अगर संघर्ष और लंबा खिंचा या होर्मुज़ पर और तनाव बढ़ा तो तेल महंगा होने से महंगाई बढ़ेगी, जो गोल्ड को फिर से सपोर्ट दे सकता है। J.P. Morgan जैसे ब्रोकरेज ने 2026 के अंत तक गोल्ड $6,300 प्रति औंस तक पहुंचने का अनुमान लगाया है, लेकिन शॉर्ट टर्म में मजबूत डॉलर और इंफ्लेशन फियर से गिरावट जारी रह सकती है।
भारत में सोना-चांदी की मांग अभी भी मजबूत है, खासकर शादी-विवाह के सीजन और निवेश के लिए। लेकिन उच्च कीमतों और गिरावट के कारण खरीदार सतर्क हैं। जयपुर जैसे शहरों में स्थानीय सर्राफा बाजार में भी भाव ₹15,900-₹16,000 प्रति ग्राम के आसपास हैं, जहां मेकिंग चार्जेस अलग से लगते हैं।
आगे क्या होगा?
- पॉजिटिव फैक्टर: ईरान युद्ध का विस्तार, तेल संकट, वैश्विक अनिश्चितता — गोल्ड को सुरक्षित निवेश बनाए रख सकते हैं।
- नेगेटिव फैक्टर: मजबूत डॉलर, अमेरिकी इंफ्लेशन डेटा, फेड की सख्त नीति — गिरावट जारी रख सकती है।
- विशेषज्ञ सलाह: अगर भाव ₹1,55,000-₹1,56,000 के सपोर्ट पर टिके तो खरीदारी का अच्छा मौका हो सकता है, लेकिन शॉर्ट टर्म में वोलेटिलिटी बनी रहेगी।
निवेशकों को सलाह है कि वे लोकल सर्राफा या विश्वसनीय ऐप्स (जैसे Goodreturns, MCX, Financial Express) से लाइव रेट चेक करें, क्योंकि भाव हर घंटे बदल सकते हैं। ईरान संकट के बीच बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा।






