हाईवे पर सफर करने वाले वाहन चालकों के लिए जरूरी खबर है। 1 अप्रैल से फास्टैग से जुड़े नियमों में बदलाव होने जा रहा है, जिससे टोल भुगतान पर ज्यादा खर्च करना पड़ सकता है। ऐसे में फास्टैग इस्तेमाल करने वाले लोगों को सलाह दी गई है कि नए रेट लागू होने से पहले अपने जरूरी काम निपटा लें, ताकि बाद में किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।
FASTag देशभर में टोल प्लाजा पर डिजिटल भुगतान के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इसके जरिए बिना रुके टोल टैक्स कट जाता है और लंबी कतारों से बचा जा सकता है। लेकिन नए वित्त वर्ष की शुरुआत के साथ टोल दरों और पास शुल्क में बदलाव की संभावना जताई जा रही है।
जानकारी के मुताबिक 1 अप्रैल से कुछ हाईवे पर टोल दरों में बढ़ोतरी हो सकती है। इसके साथ ही एनुअल पास या मासिक पास लेने वाले वाहन चालकों को पहले के मुकाबले ज्यादा शुल्क देना पड़ सकता है। हर साल नए वित्त वर्ष की शुरुआत में टोल दरों की समीक्षा की जाती है और उसी के आधार पर नई दरें लागू होती हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि जिन लोगों को नियमित रूप से नेशनल हाईवे या एक्सप्रेसवे से गुजरना पड़ता है, उन्हें अपने FASTag का बैलेंस चेक कर लेना चाहिए और जरूरत हो तो पहले ही रिचार्ज करा लेना चाहिए। इसके अलावा जिनका पास खत्म होने वाला है, वे पुराने रेट पर ही रिन्यू कराने की कोशिश करें, ताकि अतिरिक्त खर्च से बचा जा सके।
टोल प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि नई दरें लागू होने के बाद सभी टोल प्लाजा पर अपडेटेड चार्ज अपने आप लागू हो जाएंगे। इसलिए वाहन चालकों को पहले से तैयारी कर लेना बेहतर रहेगा।
सरकार की ओर से डिजिटल टोल सिस्टम को बढ़ावा देने के लिए FASTag को अनिवार्य किया गया है और अब ज्यादातर टोल प्लाजा पर नकद भुगतान की सुविधा भी सीमित कर दी गई है। ऐसे में FASTag से जुड़े नियमों में होने वाला हर बदलाव सीधे आम लोगों की जेब पर असर डालता है।
यदि आप भी नियमित रूप से हाईवे पर यात्रा करते हैं, तो 1 अप्रैल से पहले अपना FASTag स्टेटस, बैलेंस और पास की वैधता जरूर जांच लें, ताकि नए रेट लागू होने के बाद आपको ज्यादा पैसा न देना पड़े।






