जयपुर। राजस्थान में सरकारी नौकरी के नाम पर चल रहे बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती 2022 में खिलाड़ी कोटे के जरिए नौकरी पाने के लिए बनाए गए फर्जी खेल प्रमाण पत्रों का मामला सामने आया है। हैरानी की बात यह है कि पूरे घोटाले का पर्दाफाश एक छोटी सी स्पेलिंग मिस्टेक से हुआ। जांच के दौरान ‘Secretary’ शब्द की गलत स्पेलिंग ने अधिकारियों को शक में डाल दिया, जिसके बाद जांच आगे बढ़ी और पूरा फर्जीवाड़ा सामने आ गया।
पुलिस के अनुसार, भर्ती में खिलाड़ी कोटे का लाभ लेने के लिए कुछ लोगों ने ताइक्वांडो से जुड़े फर्जी प्रमाण पत्र तैयार कराए थे। इन प्रमाण पत्रों में संबंधित खेल संघ के सचिव के हस्ताक्षर और मुहर भी लगाई गई थी, लेकिन दस्तावेज में ‘Secretary’ की स्पेलिंग गलत लिखी हुई थी। इसी गलती ने पूरे मामले की पोल खोल दी।
जांच आगे बढ़ने पर पता चला कि कई अभ्यर्थियों ने इसी तरह के फर्जी सर्टिफिकेट लगाकर सरकारी नौकरी हासिल कर ली थी। पुलिस और जांच एजेंसियों ने कार्रवाई करते हुए अब तक 20 लोगों को गिरफ्तार किया है, जो अलग-अलग विभागों में सरकारी कर्मचारी के रूप में काम कर रहे थे। इनमें तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती 2022 से जुड़े कई उम्मीदवार शामिल बताए जा रहे हैं।
अधिकारियों के मुताबिक आरोपी खिलाड़ी कोटे से चयन पाने के लिए फर्जी खेल उपलब्धियां दिखाते थे। इसके लिए नकली खेल संघों के नाम से प्रमाण पत्र तैयार किए जाते थे और उन पर फर्जी हस्ताक्षर किए जाते थे। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि इस फर्जीवाड़े में कई लोग शामिल हो सकते हैं और संख्या बढ़ने की आशंका है।
पुलिस ने बताया कि मामले की जांच अभी जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि फर्जी सर्टिफिकेट बनाने के पीछे कौन-कौन लोग शामिल थे। संभावना है कि इस रैकेट में कुछ बिचौलिए और फर्जी संस्थाएं भी शामिल हों। जांच एजेंसियां भर्ती प्रक्रिया से जुड़े अन्य दस्तावेजों की भी जांच कर रही हैं।
इस खुलासे के बाद सरकारी विभागों में हड़कंप मच गया है। प्रशासन ने साफ किया है कि भर्ती प्रक्रिया में किसी भी तरह की गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और जरूरत पड़ने पर नियुक्तियां रद्द भी की जा सकती हैं।
फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है और माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।






