नई दिल्ली। भारत में महिला क्रिकेट को लेकर बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। देश के 14 राज्यों में किए गए एक ताज़ा अध्ययन में सामने आया है कि वर्ष 2020 के बाद से क्रिकेट खेलने वाली महिलाओं की संख्या दोगुनी हो गई है। इस स्टडी के मुताबिक अब हर 10 में से एक महिला किसी न किसी स्तर पर क्रिकेट खेल रही है, जो पहले के मुकाबले काफी ज्यादा है।
यह अध्ययन BBC और Collective Newsroom की ओर से कराया गया, जिसमें महिलाओं की खेलों में भागीदारी और लोगों द्वारा महिला खेल देखने की आदतों पर भी जानकारी जुटाई गई। रिपोर्ट में सामने आया है कि पिछले कुछ वर्षों में महिला खेलों को देखने वालों की संख्या में भी तेज़ी से बढ़ोतरी हुई है।
स्टडी के अनुसार, पिछले छह महीनों के दौरान लगभग 51 प्रतिशत लोगों ने महिला खेलों की कवरेज देखी है। यह आंकड़ा पुरुष खेलों की कवरेज देखने वालों से बहुत कम नहीं है, क्योंकि पुरुष खेलों की कवरेज करीब 63 प्रतिशत लोग देखते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह अंतर पहले के मुकाबले काफी कम हुआ है, जो महिला खेलों की बढ़ती लोकप्रियता को दिखाता है।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि खेलों में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी के पीछे सबसे बड़ा योगदान युवा पीढ़ी का है। खासकर 15 से 24 साल की लड़कियों और युवतियों में खेलों के प्रति रुचि तेजी से बढ़ी है। यही वजह है कि स्कूल, कॉलेज और लोकल लेवल पर भी अब पहले से ज्यादा लड़कियां क्रिकेट खेलती दिखाई दे रही हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि महिला क्रिकेट को मिली अंतरराष्ट्रीय पहचान, टीवी और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बढ़ी कवरेज, और महिला खिलाड़ियों की सफलता ने भी इस बदलाव में अहम भूमिका निभाई है। पिछले कुछ वर्षों में भारतीय महिला क्रिकेट टीम के प्रदर्शन ने भी कई लड़कियों को खेल की ओर आकर्षित किया है।
रिपोर्ट में यह संकेत भी मिला है कि अगर इसी तरह अवसर और सुविधाएं बढ़ती रहीं, तो आने वाले वर्षों में महिला क्रिकेट की लोकप्रियता और ज्यादा बढ़ सकती है। खेल जगत के जानकार इसे भारत में महिला खेलों के लिए एक सकारात्मक और बड़ा बदलाव मान रहे हैं।






