मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और ईंधन की कीमतों में भारी बढ़ोतरी के बीच देश की सबसे बड़ी एयरलाइन कंपनी IndiGo ने हवाई यात्रियों को बड़ा झटका दिया है। कंपनी ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के टिकट किराए में बढ़ोतरी करने का ऐलान किया है। यह बढ़ोतरी एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में तेज उछाल के कारण की गई है।
कंपनी की ओर से जारी बयान के मुताबिक 14 मार्च 2026 से सभी नई बुकिंग पर अतिरिक्त फ्यूल चार्ज लगाया जाएगा। यह नया चार्ज आज रात 12 बजकर 1 मिनट से लागू हो जाएगा और इसके बाद बुक होने वाली सभी टिकटों पर यात्रियों को ज्यादा किराया देना होगा।
बताया गया है कि अंतरराष्ट्रीय हालात और मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध के कारण एविएशन टरबाइन फ्यूल के दाम 85 फीसदी से ज्यादा बढ़ गए हैं। ईंधन की कीमत बढ़ने से एयरलाइंस की लागत काफी बढ़ गई है, जिसके चलते कंपनी ने किराए में इजाफा करने का फैसला लिया है।
नई दरों के अनुसार भारत के भीतर यात्रा करने वाले यात्रियों को अब कम से कम 425 रुपये अतिरिक्त देने होंगे। इसी तरह भारतीय उपमहाद्वीप के देशों—बांग्लादेश, नेपाल, भूटान, श्रीलंका और मालदीव की उड़ानों पर भी 425 रुपये का फ्यूल चार्ज लगाया गया है।
मिडिल ईस्ट जाने वाली उड़ानों पर 900 रुपये अतिरिक्त वसूले जाएंगे, जबकि दक्षिण-पूर्व एशिया, चीन, अफ्रीका और पश्चिम एशिया की यात्रा करने वाले यात्रियों को 1800 रुपये ज्यादा देने होंगे। यूरोप की उड़ानों के लिए यह बढ़ोतरी सबसे ज्यादा है और यात्रियों को अब 2300 रुपये तक अतिरिक्त भुगतान करना पड़ेगा।
एयरलाइन के अधिकारियों का कहना है कि यह फैसला मजबूरी में लिया गया है क्योंकि ईंधन की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी से परिचालन लागत पर भारी असर पड़ रहा है। कंपनी ने यह भी साफ किया है कि हालात सामान्य होने पर किराए की समीक्षा की जा सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर मिडिल ईस्ट में तनाव लंबे समय तक बना रहता है तो आने वाले दिनों में अन्य एयरलाइंस भी किराया बढ़ा सकती हैं। इसका सीधा असर आम यात्रियों की जेब पर पड़ेगा और हवाई यात्रा पहले के मुकाबले और महंगी हो सकती है।
फिलहाल नई दरें लागू होने के बाद यात्रियों में नाराजगी देखी जा रही है, क्योंकि अचानक बढ़े किराए से यात्रा का बजट बिगड़ गया है। वहीं ट्रैवल एजेंसियों का कहना है कि नई दरें लागू होने के बाद टिकट बुकिंग पर भी असर पड़ सकता है।






