मध्य-पूर्व में तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। अमेरिका ने कथित तौर पर अपने अत्याधुनिक B-2 स्टील्थ बॉम्बर्स की मदद से ईरान के कई गुप्त सैन्य ठिकानों पर बड़ा हमला किया है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक इस हमले में ईरान के भूमिगत बंकरों और सैन्य सुविधाओं को निशाना बनाया गया, जिसके बाद राजधानी तेहरान समेत कई इलाकों में जोरदार धमाकों की आवाज सुनी गई।
सूत्रों के अनुसार यह हमला बेहद गोपनीय ऑपरेशन के तहत किया गया। B-2 स्टील्थ बॉम्बर्स को दुनिया के सबसे खतरनाक और अत्याधुनिक बमवर्षक विमानों में गिना जाता है, जो दुश्मन के रडार से बचकर गहरे अंदर तक हमला करने की क्षमता रखते हैं। बताया जा रहा है कि हमले का लक्ष्य ऐसे बंकर थे जहां मिसाइल या सैन्य उपकरण छिपाकर रखे गए थे।
ईरान की ओर से आधिकारिक बयान में कहा गया है कि देश की सुरक्षा एजेंसियां हालात पर पूरी तरह नजर रखे हुए हैं और हमले का जवाब देने का अधिकार सुरक्षित है। तेहरान में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और कई संवेदनशील इलाकों में सेना की तैनाती बढ़ा दी गई है।
इस बीच संयुक्त राष्ट्र ने स्थिति पर चिंता जताते हुए दोनों देशों से संयम बरतने की अपील की है। UN महासचिव ने कहा कि किसी भी तरह की सैन्य कार्रवाई से क्षेत्र में बड़ा युद्ध भड़क सकता है, जिसका असर पूरी दुनिया पर पड़ेगा। अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने भी बातचीत के जरिए समाधान निकालने की बात कही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और बढ़ता है तो इसका असर पूरे मध्य-पूर्व पर पड़ेगा और तेल बाजार से लेकर वैश्विक सुरक्षा तक कई क्षेत्रों में संकट गहरा सकता है। फिलहाल दुनिया की नजर इस बात पर टिकी है कि ईरान इस हमले के बाद क्या कदम उठाता है और अमेरिका की अगली रणनीति क्या होगी।






