जयपुर में एक चमत्कारिक मेडिकल उपलब्धि! राजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (RUHS) के सरकारी अस्पताल में पहली बार 3 साल की बच्ची के कान में AI-बेस्ड स्मार्ट कॉक्लियर इम्प्लांट सफलतापूर्वक फिट किया गया है। यह राज्य के सरकारी अस्पतालों में इस तरह की उन्नत सर्जरी का पहला मामला है, जो सुनने में अक्षम बच्चों के लिए नई उम्मीद की किरण लेकर आया है।
बच्ची का नाम सनाया है, जो उदयपुर की रहने वाली है। जन्मजात सुनने की गंभीर समस्या (कॉन्जेनिटल हियरिंग लॉस) से पीड़ित इस मासूम बच्ची पर दिमागी बुखार के बाद सुनने की क्षमता पूरी तरह प्रभावित हो गई थी। RUHS अस्पताल के ईएनटी विभाग की टीम ने शुक्रवार को करीब 3 घंटे की जटिल सर्जरी सफलतापूर्वक पूरी की। सर्जरी की कमान सीनियर प्रोफेसर डॉ. मोहनीश ग्रोवर के नेतृत्व में थी।
डॉक्टरों के अनुसार, यह AI-सक्षम स्मार्ट कॉक्लियर इम्प्लांट (जिसमें NEXA जैसे एडवांस्ड टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल हुआ) ध्वनि की बेहतर प्रोसेसिंग करता है, जिससे आवाज की गुणवत्ता में सुधार होता है। सर्जरी के बाद बच्ची की हालत स्थिर है और अगले 21 दिनों में एक्टिवेशन के बाद वह सुनना शुरू कर सकेगी, साथ ही धीरे-धीरे बोलना भी सीख पाएगी।
डॉ. मोहनीश ग्रोवर ने कहा, “यह राज्य के सरकारी अस्पताल में किया गया पहला ऐसा एडवांस्ड कॉक्लियर इम्प्लांट प्रोसीजर है। इससे सुनने में अक्षम बच्चों के इलाज की नई संभावनाएं खुलेंगी।”
यह सफलता न केवल राजस्थान बल्कि पूरे देश के लिए मेडिकल इतिहास में एक महत्वपूर्ण कदम है, क्योंकि सरकारी स्तर पर इतनी उन्नत AI तकनीक से युक्त इम्प्लांट लगाना एक बड़ी उपलब्धि है। बच्ची के परिवार और डॉक्टरों की टीम के लिए यह एक भावुक पल रहा होगा – जहां तकनीक और मेडिकल स्किल ने एक छोटी सी बच्ची को नया जीवन देने का मौका दिया है।
चमत्कार सच में हुआ है राजस्थान में! अब सनाया जैसे कई बच्चे बेहतर भविष्य की ओर बढ़ सकेंगे।






