जयपुर में सांगानेर-बगरू क्षेत्र की 87 कॉलोनियों पर गहरा संकट मंडरा रहा है। राजस्थान हाईकोर्ट के सख्त आदेश के बाद इन कॉलोनियों को अवैध घोषित कर दिया गया है, और राजस्थान आवासन मंडल की अवाप्त (अधिग्रहीत) जमीन पर बसे इन बस्तियों से अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया गया है। हजारों परिवारों के घरों पर बुलडोजर चलने का खतरा है, जिससे प्रभावित लोग सड़कों पर उतर आए हैं।
हाईकोर्ट का फैसला और संकट की वजह
हाईकोर्ट ने अगस्त 2025 में इन 87 कॉलोनियों के नियमितीकरण पर रोक लगा दी थी। कोर्ट ने कहा कि सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे को कैसे नियमित किया जा सकता है। हाल ही में कोर्ट ने आवासन मंडल को 3-8 सप्ताह के अंदर अतिक्रमण हटाने और रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया। इन कॉलोनियों में दशकों से लोग बसे हुए हैं, कई परिवारों ने अपनी मेहनत से घर बनाए, लेकिन अब बेघर होने का डर सता रहा है।
बड़ा विरोध और सड़क जाम
रविवार को हजारों कॉलोनीवासियों ने शांतिपूर्ण लेकिन जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।
- लोग टोंक रोड और अन्य प्रमुख सड़कों पर उतरे, पैदल मार्च निकाला।
- कई जगहों पर सड़क पर बैठकर जाम लगाया गया, जिससे 1-2 घंटे तक ट्रैफिक जाम रहा।
- महिलाएं, बुजुर्ग, युवा और बच्चे शामिल हुए।
- प्रदर्शनकारियों ने हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ किया, हवन-यज्ञ किया और सरकार को सद्बुद्धि देने की प्रार्थना की।
- श्योपुर चौराहे से पिंजरापोल गौशाला तक मार्च निकाला गया।
प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग है – “उजाड़ो नहीं, नियमित करो!” वे कह रहे हैं कि अगर कोई तकनीकी समस्या है तो नियमितीकरण से हल किया जाए, न कि लोगों को बेघर किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार जल्द राहत नहीं देगी तो आंदोलन और बड़ा होगा। कुछ संगठनों ने निकाय चुनावों में मतदान बहिष्कार की भी धमकी दी है।
प्रभावित क्षेत्र और लोग
ये कॉलोनियां सांगानेर-बगरू इलाके में हैं, जहां 25-30 हजार परिवार रहते हैं। लोग दशकों से यहां बसे हैं, बच्चे यहीं पले-बढ़े हैं। अब हर घर में यही चर्चा है – “हमारा घर अवैध कैसे?”
स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। सरकार और प्रशासन पर दबाव बढ़ रहा है कि जल्द कोई समाधान निकाला जाए, वरना विरोध और तेज हो सकता है।






