जयपुर (गुलाबी नगरी), 9 मार्च 2026: अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर जयपुर की गलियों और मैदानों में नारी शक्ति की हुंकार गूंज उठी। दो दिवसीय नारी महाकुंभ “शक्ति वंदन – भारत के स्व का अभिनंदन” ने यहां आत्मविश्वास, सशक्तिकरण और सांस्कृतिक गौरव का एक अनुपम संगम रचा। यह आयोजन न केवल महिलाओं के सम्मान का प्रतीक बना, बल्कि पूरे राजस्थान में नारी शक्ति की नई ऊर्जा का संचार कर गया।
जवाहर कला केंद्र के शिल्प ग्राम में आयोजित इस भव्य महाकुंभ में हजारों महिलाओं और बालिकाओं ने भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने किया, जबकि निवर्तमान महापौर डॉ. सौम्या गुर्जर ने इसे नारी सशक्तिकरण का महोत्सव बताया। अभिनेत्री रवीना टंडन और विधायक-गायिका मैथिली ठाकुर ने विशेष रूप से महिलाओं को प्रेरित किया। मां पन्नाधाय के नाम से जुड़े इस आयोजन में आत्मरक्षा, स्वास्थ्य जागरूकता, कौशल विकास और सांस्कृतिक कार्यक्रमों पर विशेष फोकस रहा।
एक हजार से अधिक बेटियों को ‘शक्ति कवच’ (सेल्फ डिफेंस ट्रेनिंग और सुरक्षा उपकरण) का फ्री टीका लगाया गया, जो आत्मविश्वास का मजबूत प्रतीक बना। महिलाओं ने मंच पर अपनी कहानियां साझा कीं – कुछ ने उद्यमिता की सफलता बताई, तो कुछ ने सामाजिक चुनौतियों पर विजय की हुंकार भरी।
डॉ. सौम्या गुर्जर ने कहा, “यह महाकुंभ सिर्फ एक आयोजन नहीं, बल्कि हर महिला के भीतर छिपी शक्ति को जगाने का माध्यम है। गुलाबी नगरी आज नारी की हुंकार से गूंज रही है, और यह हुंकार पूरे देश तक पहुंचेगी।”
रवीना टंडन ने महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि आत्मविश्वास ही सबसे बड़ा हथियार है, और यह महाकुंभ उस हथियार को मजबूत करने का उत्सव है। मैथिली ठाकुर ने भक्ति संगीत और प्रेरक गीतों से माहौल को भावुक कर दिया।
यह नारी महाकुंभ न केवल जयपुर, बल्कि पूरे भारत की महिलाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बन गया है। जहां एक ओर सांस्कृतिक विरासत की झलक दिखी, वहीं दूसरी ओर आधुनिक भारत की सशक्त नारी की तस्वीर उभरी। गुलाबी नगरी में गूंजी यह हुंकार अब आत्मविश्वास का स्थायी प्रतीक बन चुकी है – एक ऐसा प्रतीक जो कहता है: नारी शक्ति अटल है, अजर-अमर है!






