महाराष्ट्र के नांदेड़ जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां पद्मश्री श्यामराव कदम होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज की द्वितीय वर्ष की छात्रा आकांक्षा गायकवाड़ (25 वर्ष) ने हॉस्टल के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। यह घटना शुक्रवार को हडको क्षेत्र स्थित छात्रावास में हुई, जिसके बाद पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई।
आकांक्षा मूल रूप से नवीन नांदेड़ के वाजेगांव की रहने वाली थीं और उनके माता-पिता ईंट भट्टे पर मजदूरी करते हैं। वे पिछले एक-दो साल से इसी छात्रावास में रह रही थीं, जहां मासिक किराया लगभग 2,500 रुपये था। छात्रा के पिता मुंजाजी गायकवाड़ ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया कि छात्रावास के मालिक, जो राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के स्थानीय नेता और पूर्व महापालिका विरोधी पक्ष नेता जीवन घोगरे पाटिल हैं, पिछले 8 से 10 महीनों से बकाया हॉस्टल फीस को लेकर उनकी बेटी पर लगातार दबाव और मानसिक उत्पीड़न कर रहे थे।
पिता के अनुसार, बार-बार फीस मांगने और तंग करने के कारण छात्रा इतनी परेशान हो गई कि उसने यह कदम उठाया। पुलिस ने छात्रा के पिता की शिकायत पर नांदेड़ ग्रामीण पुलिस थाने में जीवन घोगरे पाटिल के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने (IPC की धारा 306) और अनुसूचित जाति/जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। जांच अधिकारी ने बताया कि छात्रावास में 40 से अधिक लड़कियां “कोट आधारित” व्यवस्था में रहती हैं और मामले की गहन जांच की जा रही है।
परिजनों का दावा है कि घटना में कुछ संदिग्ध पहलू हैं, जैसे बेड और फांसी की स्थिति, लेकिन पुलिस अभी इसे आत्महत्या के रूप में देख रही है। इस घटना ने एक बार फिर मेडिकल छात्राओं के बीच हॉस्टल फीस, मानसिक दबाव और छात्रावासों की स्थिति पर सवाल खड़े कर दिए हैं। छात्र संगठनों और स्थानीय लोगों ने न्याय की मांग की है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की अपील की है।
यह घटना मेडिकल शिक्षा में आर्थिक तंगी और दबाव के कारण होने वाली ऐसी कई घटनाओं की कड़ी है, जिस पर समाज और प्रशासन को गंभीरता से विचार करने की जरूरत है।






