जयपुर। जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट (सांगानेर एयरपोर्ट) से 29 मार्च 2026 से फ्लाइट संचालन का पूरा शेड्यूल बदल जाएगा। इस दिन से समर फ्लाइट शेड्यूल (Northern Summer Schedule) लागू हो जाएगा, जिसके चलते यात्रियों को बड़ी असुविधा का सामना करना पड़ सकता है। रिपोर्ट्स के अनुसार, करीब 15 फ्लाइट्स बंद होने की आशंका है, खासकर राजस्थान के भीतर की कनेक्टिविटी पर सबसे ज्यादा असर पड़ेगा।
वर्तमान में (विंटर शेड्यूल में) जयपुर एयरपोर्ट से रोजाना औसतन 26 शहरों के लिए 66 फ्लाइट्स संचालित हो रही हैं। समर शेड्यूल में यह संख्या घटकर 53 के आसपास रह सकती है। सबसे बड़ा झटका जैसलमेर, जोधपुर, बीकानेर और अन्य राजस्थानी शहरों से आने-जाने वाली फ्लाइट्स को लगेगा। इनमें से कई रूट्स पर सीधी उड़ानें पूरी तरह बंद हो सकती हैं, क्योंकि समर सीजन में पर्यटन और व्यावसायिक मांग में कमी आती है, साथ ही एयरलाइंस अपनी क्षमता को अन्य बड़े रूट्स पर शिफ्ट करती हैं।
एयरलाइंस जैसे इंडिगो, एयर इंडिया एक्सप्रेस, स्टार एयर और अलायंस एयर ने अपने शेड्यूल में बदलाव की तैयारी कर ली है। कुछ रूट्स पर फ्रीक्वेंसी कम हो सकती है, जबकि कुछ पूरी तरह निलंबित हो सकते हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दुबई और अबू धाबी जैसी कुछ उड़ानें प्रभावित हो सकती हैं, लेकिन मुख्य असर घरेलू और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी पर होगा।
एयरपोर्ट अथॉरिटी और एयरलाइंस ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे अपनी बुकिंग की पुष्टि करें, क्योंकि अंतिम मिनट में बदलाव संभव हैं। यात्रियों को वैकल्पिक रूट्स जैसे दिल्ली या अहमदाबाद से कनेक्टिंग फ्लाइट्स का सहारा लेना पड़ सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि समर शेड्यूल में यह कमी आम है, लेकिन इस बार ईरान-इज़राइल युद्ध के कारण पहले से ही कई अंतरराष्ट्रीय और खाड़ी रूट्स प्रभावित हैं, जिससे घरेलू शेड्यूल पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है। जयपुर एयरपोर्ट अब दिल्ली के बाद उत्तर भारत का दूसरा सबसे व्यस्त एयरपोर्ट है, जहां औसतन 60-70 दैनिक उड़ानें होती हैं। समर शेड्यूल 29 मार्च से शुरू होकर अक्टूबर तक चलेगा, जब फिर विंटर शेड्यूल लागू होगा।






