नई दिल्ली/जयपुर, 8 मार्च 2026: सोने और चांदी के बाजार में पिछले कुछ दिनों में भारी उथल-पुथल देखने को मिली है। मार्च 2026 की शुरुआत में सोना और चांदी रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचे थे, लेकिन अचानक प्रॉफिट बुकिंग, मिडिल ईस्ट टेंशन में कुछ राहत, और ग्लोबल मार्केट के संकेतों से कीमतों में तेज गिरावट आई। खासकर पिछले 5 दिनों में सोना 10,000 रुपये तक और चांदी 37,000 रुपये तक सस्ती हो गई, जिससे निवेशकों और ज्वेलरी खरीदारों में हलचल मच गई है।
क्या हुआ पिछले 5 दिनों में?
- मार्च की शुरुआत (3-4 मार्च तक): सोना 24 कैरेट प्रति 10 ग्राम ₹1,70,000 से ऊपर और चांदी प्रति किलो ₹2,95,000-3,15,000 के आसपास ट्रेड कर रही थी। ग्लोबल अनिश्चितता (US-Israel-Iran टेंशन) और डॉलर की कमजोरी से कीमतें आसमान छू रही थीं।
- अचानक गिरावट (4-7 मार्च): प्रॉफिट बुकिंग से MCX और स्पॉट मार्केट में भारी बिकवाली हुई। सोना 5 दिनों में ₹10,000-11,000 तक गिरकर ₹1,59,000-1,63,000 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गया। चांदी में और भी तेज गिरावट—कुछ रिपोर्ट्स में 3-5 दिनों में ₹29,000-37,000 तक सस्ती होकर ₹2,60,000-2,85,000 प्रति किलो पर पहुंच गई।
- आज का अपडेट (8 मार्च 2026): बाजार में हल्की रिकवरी दिख रही है। 24 कैरेट सोना प्रति 10 ग्राम ₹1,63,640 (लगभग) पर ट्रेड कर रहा है, जबकि 22 कैरेट ₹1,50,000 के आसपास। चांदी प्रति किलो ₹2,85,000 पर स्थिर। पिछले 5 दिनों की गिरावट के बाद आज सोना ₹2,000-3,000 तक उछला है, लेकिन कुल मिलाकर अभी भी नीचे है।
गिरावट के मुख्य कारण
- प्रॉफिट बुकिंग: रिकॉर्ड हाई के बाद निवेशक मुनाफा वसूल रहे हैं।
- ग्लोबल फैक्टर: मिडिल ईस्ट में टेंशन कम होने के संकेत, US डॉलर में स्थिरता, और इंटरेस्ट रेट कट की उम्मीदों में बदलाव।
- डोमेस्टिक मार्केट: MCX पर वॉलेटाइल ट्रेडिंग, हाई मार्जिन रिक्वायरमेंट से लेवरेज्ड पोजीशन कम हुईं।
- चांदी पर ज्यादा असर: चांदी इंडस्ट्रियल डिमांड से भी जुड़ी है, इसलिए गिरावट ज्यादा तेज रही।
आगे क्या होगा? (Gold & Silver Outlook 2026)
एक्सपर्ट्स का मानना है कि 2026 में सोना अभी भी सेफ-हेवन एसेट रहेगा। इकोनॉमिक सर्वे और गोल्डमैन सैक्स जैसी रिपोर्ट्स में कहा गया है कि ग्लोबल अनिश्चितता, जियोपॉलिटिकल रिस्क, और सेंट्रल बैंक बाइंग से कीमतें ₹1.5-1.75 लाख प्रति 10 ग्राम तक जा सकती हैं, लेकिन शॉर्ट-टर्म में 10-20% करेक्शन संभव है। चांदी में भी रिकवरी की उम्मीद, लेकिन ज्यादा वोलेटाइल रहेगी।
अगर आप खरीदने की सोच रहे हैं, तो यह गिरावट खरीदारी का मौका हो सकती है, लेकिन एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि ₹1,60,000-1,65,000 के सपोर्ट लेवल पर नजर रखें। बाजार अभी भी अस्थिर है—रुके रहें और ग्लोबल न्यूज पर नजर रखें!






