यह घटना उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के खजनी थाना क्षेत्र अंतर्गत धाधुपार (या डोंड़ो धाधुपार) गांव में हुई है। यह 3 मार्च 2026 (मंगलवार) की देर रात करीब 1 से 1:30 बजे के बीच घटी, जो छोटी होली (फाल्गुन मास की होली, मुख्य होली से पहले वाली) के आसपास थी।
मुख्य विवरण:
- आरोपी: अशोक निषाद (उम्र 44-45 वर्ष)
- पीड़िता: नीलम देवी (उम्र 38-40 वर्ष), आरोपी की पत्नी। शादी को करीब 20 साल हो चुके थे।
- कारण: पति को पत्नी पर अवैध संबंध (इलिसिट रिलेशनशिप) या चरित्र पर लंबे समय से शक था। रात में किसी बात पर विवाद बढ़ा, जिससे आरोपी गुस्से में आ गया।
- हत्या का तरीका: पहले कुल्हाड़ी से हमला किया (धार कम होने के कारण प्रभावी नहीं हुआ), फिर घर में रखे फावड़े (शovel/fawda) से पत्नी की गर्दन काट दी। खून से आंगन लाल हो गया, और कुछ रिपोर्ट्स में इसे “खून की होली” या “पत्नी के खून से होली खेली” जैसा क्रूर वर्णन दिया गया है (हालांकि यह मुख्यतः sensational headline है, वास्तव में हत्या के बाद आरोपी वहीं बैठा रहा)।
- चश्मदीद: घटना बच्चों के सामने हुई, खासकर 17 वर्षीय नाबालिग बेटा सूरज ने देखा। बेटा मां की चीख सुनकर उठा, तो आरोपी ने उसे भी फावड़े से दौड़ाया। बेटा भागकर बाहर निकला और नाना (माताजी के पिता) को फोन किया।
- आरोपी का व्यवहार: हत्या के बाद अशोक ने खुद पुलिस को फोन किया और कहा- “मैंने अपनी बीवी को मार डाला है, लाश घर में पड़ी है।” इससे पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची।
- पुलिस कार्रवाई: ससुर (मृतका के पिता, राजेंद्र निषाद, सहजनवा के महुआपार निवासी) की तहरीर पर हत्या का मुकदमा दर्ज। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया और जेल भेज दिया गया। हत्या में इस्तेमाल कुल्हाड़ी और फावड़ा बरामद हो चुका है। शव का पोस्टमार्टम कराया गया।
यह घरेलू हिंसा का एक बेहद क्रूर मामला है, जहां संदेह और गुस्से ने एक परिवार को तबाह कर दिया। समाज में ऐसे संदेहों को समय रहते संवाद या काउंसलिंग से सुलझाना जरूरी है, क्योंकि छोटी बातें बड़े हादसे बन जाती हैं।
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