पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची में बड़ा उलटफेर! विशेष गहन संशोधन (Special Intensive Revision – SIR) प्रक्रिया के बाद चुनाव आयोग ने 28 फरवरी 2026 को अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी है, जिसमें 61 लाख से ज्यादा नाम कट चुके हैं, जबकि लगभग 60 लाख नाम अभी जांच के अधीन हैं।
मुख्य आंकड़े (चुनाव आयोग के अनुसार):
- SIR शुरू होने से पहले (अक्टूबर 2025 तक): कुल मतदाता 7.66 करोड़ (7,66,37,529)।
- SIR के बाद जारी फाइनल रोल में कुल मतदाता: 7.04 करोड़ (7,04,59,284)।
- कुल कटे नाम: 61,78,245 (लगभग 61.78 लाख), जिसमें ड्राफ्ट रोल से 58 लाख और बाद में अतिरिक्त डिलीशन शामिल हैं। यह कुल मतदाताओं की 8% गिरावट दर्शाता है।
- कारण: मृतक (Deceased) – 24 लाख+, अनुपस्थित (Absent) – 12 लाख+, स्थानांतरित (Shifted) – 19 लाख+, डुप्लिकेट या अन्य।
- 60,06,675 (लगभग 60 लाख) नाम अभी “Under Adjudication” श्रेणी में हैं। ये सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर नियुक्त ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट/अधिकारियों द्वारा जांचाधीन हैं। इनका फैसला होने पर पूरक सूचियों में शामिल या हटाए जा सकते हैं। फिलहाल इन्हें रोल में रखा गया है, लेकिन अंतिम मंजूरी के बिना वोटिंग प्रभावित हो सकती है।
- लिंग आधारित: पुरुष मतदाता 3.60 करोड़, महिला 3.44 करोड़, थर्ड जेंडर 1,382।
- नए जोड़े गए: फॉर्म-6/6A से लगभग 1.82 लाख।
यह प्रक्रिया 116 दिनों तक चली, जिसमें 100% फिजिकल वेरिफिकेशन हुआ। राजनीतिक हलकों में हड़कंप मचा हुआ है, क्योंकि अप्रैल 2026 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले यह बड़ा बदलाव है। TMC और BJP दोनों तरफ से प्रतिक्रियाएं आ रही हैं—कुछ इसे “शुद्धिकरण” मान रहे हैं, तो कुछ “वोटर दमन” का आरोप लगा रहे हैं।
अगर आपका नाम चेक करना चाहते हैं, तो CEO वेस्ट बंगाल की वेबसाइट या NVSP पोर्टल पर जाएं। अंतिम आंकड़े जांच पूरी होने पर और बदल सकते हैं!






