प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इजरायल की संसद (नेसेट) को संबोधित करते हुए 7 अक्टूबर 2023 को हमास द्वारा किए गए हमले की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इस घटना को “बर्बर आतंकवादी हमला” करार देते हुए कहा कि भारत मारे गए सभी लोगों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता है और पीड़ितों के दुख में शामिल है।
पीएम मोदी ने अपने भाषण में कहा, “मैं भारत के लोगों की तरफ से हर उस जान और हर उस परिवार के लिए गहरी संवेदनाएं रखता हूं जिनकी दुनिया 7 अक्टूबर को हमास के बेरहम आतंकवादी हमले में तबाह हो गई। हम आपका दर्द समझते हैं, हम आपके शोक में आपके साथ हैं।” उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी भी कारण से नागरिकों की हत्या को उचित नहीं ठहराया जा सकता और आतंकवाद को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
प्रधानमंत्री ने भारत और इजरायल के बीच गहरी समानताओं का जिक्र करते हुए बताया कि दोनों देश आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हैं। उन्होंने 26/11 मुंबई हमलों का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत भी आतंकवाद का शिकार रहा है और दोनों देश कई क्षेत्रों में मजबूत सहयोग कर रहे हैं।
इसके अलावा, पीएम मोदी ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा समर्थित गाजा पीस इनीशिएटिव का मजबूत समर्थन जताया। उन्होंने कहा, “हमारा मानना है कि इससे क्षेत्र में शांति स्थापित करने में मदद मिलेगी और इससे फ़लस्तीन के मसले का भी समाधान होगा।” यह पहल पूरे क्षेत्र के लिए न्यायपूर्ण और स्थायी शांति का मार्ग प्रदान करती है।
पीएम मोदी का यह संबोधन इजरायल दौरे के पहले दिन हुआ, जहां उन्होंने इजरायल के साथ भारत की अटूट दोस्ती और आतंकवाद के खिलाफ साझा लड़ाई पर जोर दिया। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी भारत के समर्थन की सराहना की और दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने पर चर्चा की।






