नाहिद इस्लाम ने बीएनपी सरकार पर लगाया बड़ा आरोप: अवामी लीग के दफ्तर बिना ‘ग्रीन सिग्नल’ के नहीं खुल सकते
ढाका: नेशनल सिटिजन पार्टी (एनसीपी) के संयोजक और संसद में विपक्ष के मुख्य सचेतक नाहिद इस्लाम ने गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बांग्लादेश की मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि हाल ही में कई जिलों में अवामी लीग के बंद पड़े दफ्तरों को फिर से खोलने की घटनाएं बिना बीएनपी चेयरमैन तारिक रहमान की सरकार की ‘ग्रीन सिग्नल’ के संभव नहीं हैं।
नाहिद इस्लाम ने दावा किया कि प्रतिबंधित अवामी लीग के कार्यकर्ताओं को इतनी हिम्मत तभी मिल सकती है जब सत्ताधारी बीएनपी से उन्हें खुली छूट मिली हो। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि इसकी जवाबदेही तय की जाए और ऐसे दफ्तरों को तुरंत बंद कराया जाए, अन्यथा राजनीतिक विरोध का सामना करना पड़ेगा।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में नाहिद ने 13वें संसदीय चुनाव पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि चुनाव में भारत, अवामी लीग और बीएनपी के बीच एक प्रकार की मिलीभगत थी, जिसके कारण परिणाम प्रभावित हुए। एनसीपी नेता ने चेतावनी दी कि अवामी लीग की राजनीति को फिर से स्थापित करने या ‘पुनर्वासित’ करने की किसी भी कोशिश का कड़ा विरोध किया जाएगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश की जनता ऐसी किसी भी साजिश को बर्दाश्त नहीं करेगी।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब फरवरी 2026 में हुए चुनाव में तारिक रहमान के नेतृत्व वाली बीएनपी ने भारी बहुमत हासिल कर सरकार बनाई है। एनसीपी, जो 2024 के छात्र आंदोलन से निकली है और जमा’त-ए-इस्लामी के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ी थी, संसद में विपक्ष की भूमिका निभा रही है। नाहिद इस्लाम ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी लोकतंत्र और स्थिरता के हित में चुनाव नतीजों को स्वीकार कर रही है, लेकिन पुरानी व्यवस्था में बदलाव के बिना असली सुधार नहीं होगा।






