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March 4, 2026 7:22 pm

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दिल्ली और जयपुर के बीचों-बीच है सिलीसेढ़ झील, अलवर से महज 15 किमी

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Siliserh Lake
राजस्थान के अलवर जिले में स्थित सिलीसेढ़ झील को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी पहचान मिली है। आर्द्रभूमियों के संरक्षण से जुड़े ‘कन्वेंशन ऑन वेटलैंड्स’ के तहत शुक्रवार को सिलीसेढ़ झील को रामसर साइट घोषित किया गया। इसी अधिसूचना में छत्तीसगढ़ के बिलासपुर के पास स्थित कोपरा जलाशय को भी रामसर सूची में शामिल किया गया है। इस घोषणा के साथ सिलीसेढ़ झील को देश की 96वीं रामसर साइट का दर्जा मिला है, जिससे अलवर और राजस्थान दोनों का गौरव बढ़ा है।

दिल्ली और जयपुर के बीचों-बीच है सिलीसेढ़ झील, अलवर से महज 15 किमी

सिलीसेढ़ झील राजस्थान के उत्तर-पूर्वी हिस्से में अलवर शहर से करीब 15 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम दिशा में स्थित है। दिल्ली से इसकी दूरी लगभग 160 किलोमीटर है। जयपुर से दूरी करीब 150 किलोमीटर है। अलवर पहुंचने के बाद सड़क मार्ग से कुछ ही मिनटों में सिलीसेढ़ झील तक आसानी से पहुंचा जा सकता है।

सिलीसेढ़ झील का मनोरम दृश्य।

जैव विविधता और पर्यटन का अनोखा संगम

सिलीसेढ़ झील अपनी समृद्ध जैव विविधता और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए जानी जाती है। यहां सारस, किंगफिशर सहित 100 से अधिक प्रजातियों के पक्षी देखे जा सकते हैं। झील के आसपास का वातावरण पक्षी प्रेमियों और प्रकृति फोटोग्राफरों के लिए आकर्षण का केंद्र है। सरिस्का टाइगर रिजर्व का प्रवेश द्वार होने के कारण यह क्षेत्र पर्यटन की दृष्टि से भी खास माना जाता है।

केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने दी बधाई

अलवर सांसद और केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने सिलीसेढ़ झील को रामसर साइट घोषित होने पर क्षेत्रवासियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह अलवर के लिए गर्व का विषय है और इससे पर्यटन, जैव विविधता संरक्षण, जल संसाधन प्रबंधन और सतत आजीविका के अवसरों को मजबूती मिलेगी।

siliserh lake news image

1845 से जुड़ा है ऐतिहासिक महत्व

सिलीसेढ़ झील का निर्माण वर्ष 1845 में तत्कालीन शासक महाराजा विनय सिंह ने कराया था। इसका उद्देश्य अलवर शहर को पेयजल उपलब्ध कराना था। झील के चारों ओर बने प्राचीन जल-वाहिकाएं एक्वाडक्ट्स आज भी इसके ऐतिहासिक महत्व की गवाही देती हैं। रामसर साइट का दर्जा मिलने के बाद सिलीसेढ़ झील न केवल अंतरराष्ट्रीय मानचित्र पर उभरी है, बल्कि इसके संरक्षण और विकास की दिशा में नए अवसर भी खुले हैं।

DIYA Reporter
Author: DIYA Reporter

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