माइंस निदेशक महावीर प्रसाद मीणा ने बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर अवैध खनन के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी है। इसी क्रम में टीम ने गोपनीय तरीके से बस्सी में अचानक दबिश दी। इससे पहले गंगासरोवर कैचमेंट एरिया में ड्रोन सर्वे के जरिए भी अवैध खनन का आकलन किया गया था। कार्रवाई के दौरान दो व्यक्तियों, कृष्ण कुमार और हनुमान सहाय को विभागीय टीम की रेकी करते पकड़ा गया। दोनों से मिले मोबाइल फोन की जांच में 5 बड़े व्हाट्सएप ग्रुप मिले।
अधीक्षण खनिज अभियंता जयपुर, एनएस शक्तावत नेे बताया कि जब्त दो मोबाइल फ़ोन की प्राथमिक जांच में पता चला कि अवैध खनन में शामिल लोगों द्वारा व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर विभागीय टीम की लगातार रेकी की जाती है। इस कारण विभागीय टीम के पहुंचने से पहले अवैध खनन करने वाले लोग मौके से टीम के पहुंचने से पहले ही भाग जाते हैं। जब्त दोनों मोबाइल फोन में कुल 5 व्हाट्सएप ग्रुप 1023 सदस्यों के जय बालाजी ग्रुप, 743 सदस्यों के जय बजरंग बली, 612 सदस्यों के माफिया टाइगर ग्रुप, 642 सदस्यों के बिना नाम ग्रुप और 783 सदस्यों के जय श्री श्याम ग्रुप के नेटवर्क का खुलासा हुआ है। विभाग ने कानोता पुलिस थानें में दोषियों अवैध खननकर्ताओं सहित पांचों व्हाट्सएप ग्रुप और इनमें शामिल लगभग 3500 सदस्यों के विरुद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट संख्या 926/2025 एवं 927/2025 दर्ज करवाई गई। प्रकरण में विभाग द्वारा 20 लाख से अधिक जुर्माना लगाया गया है।
खनन विभाग की जयपुर टीम ने बस्सी के घाटा क्षेत्र में अवैध खनन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 4 एक्सक्वेटर जेसीबी मशीन, 3 डंपर और 1 मोटरसाइकिल को जब्त किया है। इस कार्रवाई के दौरान विभागीय टीम की रेकी करने वाले अवैध खनन नेटवर्क का बड़ा खुलासा हुआ है। लगभग 3500 सदस्यों से जुड़े 5 व्हाट्सएप ग्रुप पकड़े गए हैं, जिनके जरिए विभागीय गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जाती थी। विभाग ने इस मामले में दो एफआईआर दर्ज करवा दी हैं।






