8th Pay Commission: एक फैसला और बदल जाएगी तस्वीर… लेवल-1 से 10 तक कितनी बढ़ेगी सैलरी?
केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए 8वें वेतन आयोग को लेकर उम्मीदें चरम पर हैं। कर्मचारी संगठनों ने कई मांगें रखी हैं, लेकिन इनमें से एक मांग सबसे महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अगर सरकार या आयोग सिर्फ फिटमेंट फैक्टर को लेकर कर्मचारियों की प्रमुख मांग मान लेता है, तो लेवल-1 से लेवल-10 तक की सैलरी में जबरदस्त उछाल देखने को मिल सकता है।
फिटमेंट फैक्टर क्यों है इतना महत्वपूर्ण?
7वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.57 तय किया गया था। इसके आधार पर न्यूनतम बेसिक सैलरी 7000 रुपये से बढ़ाकर 18,000 रुपये की गई थी। अब 8वें वेतन आयोग में कर्मचारी संगठन 3.83 या उससे अधिक का फिटमेंट फैक्टर मांग रहे हैं। कुछ संगठन तो न्यूनतम बेसिक सैलरी को सीधे 72,000 रुपये करने की बात भी कर रहे हैं, जो लगभग 4 के फिटमेंट फैक्टर के बराबर है।
फिटमेंट फैक्टर जितना अधिक होगा, सभी लेवल की बेसिक सैलरी उतनी ही ज्यादा बढ़ेगी। साथ ही महंगाई भत्ता (DA), हाउस रेंट अलाउंस (HRA) और अन्य भत्ते भी नए बेसिक पर कैलकुलेट होंगे, जिससे कुल सैलरी में भारी इजाफा होगा।
लेवल-1 से 10 तक अनुमानित सैलरी बढ़ोतरी
अगर फिटमेंट फैक्टर 3.83 मान लिया जाए तो सैलरी में संभावित बढ़ोतरी कुछ इस तरह हो सकती है:
- लेवल-1 (वर्तमान बेसिक 18,000 रुपये) → लगभग 68,940 से 69,000 रुपये
- लेवल-2 (19,900 रुपये) → लगभग 76,200 रुपये
- लेवल-3 (21,700 रुपये) → लगभग 83,100 रुपये
- लेवल-4 (25,500 रुपये) → लगभग 97,600 रुपये
- लेवल-5 (29,200 रुपये) → लगभग 1,11,800 रुपये
- लेवल-6 (35,400 रुपये) → लगभग 1,35,500 रुपये
- लेवल-7 (44,900 रुपये) → लगभग 1,72,000 रुपये
- लेवल-8 (47,600 रुपये) → लगभग 1,82,300 रुपये
- लेवल-9 (53,100 रुपये) → लगभग 2,03,300 रुपये
- लेवल-10 (56,100 रुपये) → लगभग 2,14,800 रुपये
ये आंकड़े सिर्फ बेसिक सैलरी के हैं। इसमें DA, HRA और अन्य भत्ते जुड़ने पर इन-हैंड सैलरी और भी ज्यादा हो जाएगी।
अन्य महत्वपूर्ण मांगें
फिटमेंट फैक्टर के अलावा कर्मचारी संगठन सालाना इंक्रीमेंट को मौजूदा 3 प्रतिशत से बढ़ाकर 5 से 7 प्रतिशत करने, DA को बेसिक में मर्ज करने और HRA की दरें बढ़ाने की भी मांग कर रहे हैं। अगर ये मांगें भी आंशिक रूप से मान ली गईं तो लंबे समय में सैलरी में और तेजी से बढ़ोतरी होगी।
अभी क्या स्थिति है?
8वां वेतन आयोग अभी सुझाव और आंकड़े जुटाने के चरण में है। कर्मचारी संगठनों ने अपनी मांगें और प्रस्ताव जमा करा दिए हैं। अंतिम फैसला आयोग की सिफारिशों और सरकार की मंजूरी पर निर्भर करेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि वास्तविक फिटमेंट फैक्टर 2 से 2.57 के बीच रहने की संभावना ज्यादा है, लेकिन संगठन उच्च फैक्टर के लिए जोर दे रहे हैं।
कर्मचारियों के लिए मायने
अगर उच्च फिटमेंट फैक्टर वाली मांग मान ली गई तो न सिर्फ वर्तमान कर्मचारियों की सैलरी बढ़ेगी, बल्कि पेंशनरों को भी फायदा होगा क्योंकि पेंशन भी बेसिक पे से जुड़ी होती है। लेवल-1 से 10 तक के लाखों कर्मचारी इस एक फैसले का इंतजार कर रहे हैं, जो उनकी आर्थिक स्थिति को पूरी तरह बदल सकता है।
अभी इंतजार जारी है। आयोग की रिपोर्ट आने और सरकार के फैसले के बाद ही असली तस्वीर साफ होगी। लेकिन एक बात तय है—फिटमेंट फैक्टर पर लिया गया फैसला 8वें वेतन आयोग की सबसे बड़ी चर्चा का विषय बनेगा।








