दिल्ली-NCR में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है। लगातार दूसरे दिन हुई तेज बारिश ने राजधानी और आसपास के इलाकों में जनजीवन प्रभावित कर दिया है। कई जगहों पर सड़कें पानी से भर गईं, ट्रैफिक की रफ्तार धीमी पड़ गई और लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में परेशानी का सामना करना पड़ा। मौसम की स्थिति को देखते हुए गुरुग्राम में लोगों को वर्क फ्रॉम होम की सलाह दी गई है। वहीं, उत्तर प्रदेश में बारिश से जुड़ी अलग-अलग घटनाओं में चार लोगों की मौत की खबर है।
मौसम विभाग ने देश के कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना जताई है। मध्य प्रदेश समेत 15 राज्यों में ऑरेंज अलर्ट जारी किए जाने से प्रशासन और लोगों की चिंता बढ़ गई है। मौसम विभाग की चेतावनी के मुताबिक कुछ इलाकों में बहुत तेज बारिश के साथ जलभराव, नदियों और नालों के जलस्तर में बढ़ोतरी तथा यातायात प्रभावित होने की स्थिति बन सकती है।
दिल्ली-NCR में लगातार दूसरे दिन तेज बारिश
दिल्ली और NCR के कई हिस्सों में सुबह से ही बादल छाए रहे और इसके बाद तेज बारिश शुरू हो गई। लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में पानी जमा होने लगा। मुख्य सड़कों पर वाहनों की रफ्तार कम हो गई और कई जगह ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी।
बारिश के कारण ऑफिस जाने वाले कर्मचारियों, स्कूली छात्रों और रोजाना सफर करने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कई इलाकों में सड़क किनारे और सर्विस लेन पर पानी जमा होने से वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई।
दिल्ली-NCR में पहले से ही बारिश के बाद जलभराव की समस्या सामने आती रही है। ऐसे में लगातार दूसरे दिन हुई तेज बारिश ने स्थानीय प्रशासन की तैयारियों की भी परीक्षा ले ली।
गुरुग्राम में वर्क फ्रॉम होम की सलाह
भारी बारिश और जलभराव की आशंका को देखते हुए गुरुग्राम में कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम की सलाह दी गई। इसका मकसद बारिश के दौरान अनावश्यक आवाजाही को कम करना और सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव घटाना है।
गुरुग्राम दिल्ली-NCR का प्रमुख कॉर्पोरेट और आईटी हब है। यहां बड़ी संख्या में कर्मचारी रोजाना दिल्ली, फरीदाबाद, नोएडा और आसपास के इलाकों से पहुंचते हैं। बारिश के दौरान एक्सप्रेसवे और प्रमुख सड़कों पर ट्रैफिक बढ़ने से सफर का समय काफी बढ़ सकता है।
प्रशासन ने लोगों से मौसम की स्थिति को देखते हुए जरूरी होने पर ही यात्रा करने और स्थानीय ट्रैफिक एडवाइजरी का पालन करने की अपील की है।
यूपी में बारिश बनी मुसीबत, 4 लोगों की मौत
उत्तर प्रदेश में भी बारिश का असर गंभीर रहा। राज्य के अलग-अलग हिस्सों में बारिश से जुड़ी घटनाओं में चार लोगों की मौत की खबर सामने आई है। कई स्थानों पर जलभराव के साथ कच्चे मकानों और कमजोर ढांचों को नुकसान पहुंचने की आशंका बनी हुई है।
लगातार बारिश से ग्रामीण इलाकों में भी मुश्किलें बढ़ी हैं। खेतों में पानी जमा होने से फसलों पर असर पड़ सकता है। वहीं, निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को जलभराव के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
प्रशासन की ओर से संवेदनशील इलाकों पर नजर रखने और जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी की जा रही है।
15 राज्यों में ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश समेत 15 राज्यों में भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। ऑरेंज अलर्ट का मतलब है कि मौसम खराब होने के साथ कई इलाकों में इसका असर सामान्य जनजीवन पर पड़ सकता है और प्रशासन को तैयार रहने की जरूरत होती है।
जिन क्षेत्रों में भारी बारिश की चेतावनी है, वहां निचले इलाकों में जलभराव, सड़क और रेल यातायात प्रभावित होने तथा स्थानीय स्तर पर बाढ़ जैसी स्थिति पैदा होने का खतरा रहता है।
मौसम विभाग ने लोगों से मौसम संबंधी अपडेट पर नजर रखने और प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
मध्य प्रदेश में भी भारी बारिश की चेतावनी
मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय बना हुआ है। राज्य के कुछ जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना को देखते हुए अलर्ट जारी किया गया है।
लगातार बारिश के कारण नदियों और छोटे-बड़े जलस्रोतों का जलस्तर बढ़ सकता है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने के साथ जलभराव वाले स्थानों पर स्थिति पर नजर रखने के निर्देश दिए हैं।
पहाड़ी राज्यों में भी बढ़ सकती है परेशानी
बारिश का असर केवल मैदानी राज्यों तक सीमित नहीं है। पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बारिश के दौरान भूस्खलन और अचानक जलस्तर बढ़ने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में पहाड़ी सड़कों पर यात्रा करने वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।
भारी बारिश के दौरान स्थानीय नदियों और नालों के आसपास जाने से बचने की सलाह दी जाती है। प्रशासन की ओर से जारी चेतावनी को नजरअंदाज करना जोखिम भरा हो सकता है।
बारिश से ट्रैफिक और बिजली व्यवस्था पर असर
दिल्ली-NCR में भारी बारिश का सबसे ज्यादा असर सड़क यातायात पर देखने को मिलता है। कई जगह पानी जमा होने के कारण वाहनों की रफ्तार धीमी हो जाती है। ट्रैफिक सिग्नल और सर्विस लेन पर जलभराव होने से जाम की समस्या और बढ़ सकती है।
बारिश के दौरान कुछ इलाकों में बिजली आपूर्ति भी प्रभावित होने की संभावना रहती है। तेज हवा और जलभराव के कारण बिजली के खंभों या तारों से जुड़े जोखिम पैदा हो सकते हैं। इसलिए लोगों को पानी भरे इलाकों में बिजली के उपकरणों और खुले तारों से दूर रहने की सलाह दी जाती है।
अगले कुछ दिनों तक जारी रह सकता है बारिश का दौर
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक मानसूनी गतिविधियां आने वाले दिनों में भी कई राज्यों में सक्रिय रह सकती हैं। दिल्ली-NCR समेत उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।
ऐसे में प्रशासन के सामने जलभराव और ट्रैफिक प्रबंधन की चुनौती बनी रहेगी। वहीं, लोगों को भी मौसम के हिसाब से अपनी यात्रा और रोजमर्रा की गतिविधियों की योजना बनाने की जरूरत है।
फिलहाल दिल्ली-NCR में लगातार दूसरे दिन हुई तेज बारिश, गुरुग्राम में वर्क फ्रॉम होम की सलाह, यूपी में बारिश से हुई मौतें और 15 राज्यों में ऑरेंज अलर्ट ने मानसून की गंभीर स्थिति की ओर ध्यान खींचा है। अगले कुछ दिनों में बारिश की तीव्रता और मौसम विभाग की चेतावनियों पर सभी की नजर रहेगी।








