यपुर/नई दिल्ली, 8 मार्च 2026: अगर आप महिला उद्यमी हैं और अपना खुद का बिजनेस शुरू करना चाहती हैं, लेकिन पूंजी की कमी सबसे बड़ी रुकावट बन रही है, तो अब चिंता छोड़ दें! केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY) महिलाओं को बिना किसी गारंटी (कोलेटरल) के लोन देकर आत्मनिर्भर बनने का सुनहरा मौका दे रही है। इस योजना ने महिलाओं के सशक्तिकरण को प्राथमिकता दी है और अब तक लाखों महिलाओं को अपना कारोबार शुरू करने या बढ़ाने में मदद की है।
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना क्या है? 2015 में शुरू हुई इस योजना के तहत गैर-कॉरपोरेट, गैर-कृषि छोटे/माइक्रो उद्यमों को बिना गारंटी के लोन मिलता है। अब तक 52 करोड़ से ज्यादा लोन स्वीकृत हो चुके हैं, जिनमें कुल राशि 32 लाख करोड़ रुपये से अधिक है। सबसे खास बात—68-70% लाभार्थी महिलाएं हैं! यानी हर 10 में से 7 लोन महिलाओं को मिले हैं, जो महिला सशक्तिकरण का सबसे बड़ा प्रमाण है।
महिलाओं के लिए कितना और कैसे मिलता है लोन?
- शिशु कैटेगरी: ₹50,000 तक (नए बिजनेस के लिए आदर्श)
- किशोर कैटेगरी: ₹50,001 से ₹5 लाख तक
- तरुण कैटेगरी: ₹5 लाख से ₹10 लाख तक
- तरुण प्लस कैटेगरी: ₹10 लाख से ₹20 लाख तक (पिछला लोन सफलतापूर्वक चुकाने वालों के लिए)
यह पूरी तरह कोलेटरल-फ्री (बिना गारंटी) है। ब्याज दरें भी कम हैं और महिलाओं को प्राथमिकता मिलती है। योजना के तहत छोटे व्यापार, सैलून, ट्यूशन, हैंडीक्राफ्ट, किराना दुकान, ब्यूटी पार्लर, फूड स्टॉल आदि किसी भी गैर-कृषि बिजनेस के लिए लोन मिल सकता है।
महिलाओं को मिले फायदे और आंकड़े (2025-2026 अपडेट):
- महिलाओं की भागीदारी 68-71% तक पहुंच गई है।
- प्रति महिला औसत लोन राशि में तेज वृद्धि—FY16 से FY25 तक 13% CAGR।
- योजना ने 1 करोड़ से ज्यादा नौकरियां पैदा की हैं, जिनमें महिलाओं का बड़ा योगदान है।
- बिहार, उत्तर प्रदेश, राजस्थान जैसे राज्यों में महिलाओं को सबसे ज्यादा लाभ मिला है।
कैसे अप्लाई करें?
- निकटतम बैंक (SBI, PNB, बैंक ऑफ बड़ौदा आदि), NBFC, MFI या क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक में जाएं।
- ऑनलाइन mudra.org.in पर जाकर जानकारी लें या Udyamimitra पोर्टल पर अप्लाई करें।
- जरूरी दस्तावेज: आधार, पैन, बिजनेस प्लान, बैंक स्टेटमेंट, फोटो आदि।
- महिलाओं को प्राथमिकता मिलती है, इसलिए अप्रूवल आसान होता है।






