सरकार की ओर से जब से नए वेतन आयोग को लेकर मंजूरी दी गई थी. तभी से लेकर इससे जुड़े नए अपडेट सामने आ रहे हैं. 8वां वेतन आयोग के अगले साल लागू होने की संभावना है. अभी हाल में केंद्र सरकार ने DA को बढ़ा दिया है, जिसके बाद से यह कयास लगाए जा रहे हैं. अब 8वें वेतन आयोग में सरकार फिटमेंट फैक्टर को नहीं बढ़ाएगी. आइए इसके पीछे का कारण समझते हैं.
सरकार की ओर से केंद्रीय कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में DA के 50 फीसदी को मर्ज करने की तैयारी हो रही है. अगर ऐसा होता है तो 8वें वेतन आयोग में ज्यादा फिटमेंट फैक्टर की मांग में नरमी आएगी और सरकार भी कम फिटमेंट फैक्टर बढ़ाएगी. इसके पीछे का कारण यह है कि अभी कर्मचारियों की बेसिक सैलरी 18,000 हजार रुपये है. DA मर्ज होने के बाद वह बढ़कर 27,000 रुपये हो जाएगी. सैलरी में बढ़ोतरी वेतन आयोग के लागू होने से पहले ही जो जाएगी. इसलिए इसका असर फिटमेंट फैक्टर की मांग पर पड़ेगा.
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मर्ज हो सकता है DA
केंद्र सरकार ने 5वें वेतन आयोग के तहत यह नियम बनाया था कि अगर डीए 50 फीसदी से ज्यादा चला जाता है, तब उसे बेसिक सैलरी में जो दिया जाता है. सरकार ने साल 2004 में ऐसा किया भी था. हालांकि, इस सिस्टम को 6वें वेतन आयोग में नहीं माना गया था. 7वें वेतन आयोग में भी इसको नहीं माना गया. लेकिन इस बार ऐसे अनुमान हैं कि सरकार डीए को बेसिक सैलरी के साथ मर्ज करेगी. अगर इस बार डीए और बेसिक सैलरी को मर्ज किया जाएगा, तो कर्मचारियों की बेसिक सैलरी बढ़ जाएगी, जिससे फिटमेंट फैक्टर ज्यादा बढ़ने की संभावना पर असर पड़ेगा.
फिटमेंट फैक्टर
फिटमेंट फैक्टर एक गुणक होता है, जिससे तरह सरकार मौजूदा सैलरी के हिसाब से गुणक के जरिए आने वाले वेतन आयोग में सैलरी को बढ़ाती है. हालांकि, सैलरी का बढ़ना सिर्फ फिटमेंट फैक्टर पर निर्भर नहीं करता है. फिर भी इसका असर सैलरी बढ़ोतरी पर पड़ता है. सरकार ने 7वें वेतन आयोग में 2.57 फिटमेंट लागू किया था. जबकि इस बार कर्मचारियों की ओर से 2.86 फिटमेंट फैक्टर लागू करने की मांग की जा रही है.
