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March 3, 2024 7:39 am

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Supreme Court: कलकत्ता हाईकोर्ट के 2 जजों के झगड़े में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा दखल, CBI जांच के आदेश पर लगाई रोक

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नई दिल्ली. पश्चिम बंगाल में फर्जी प्रमाण पत्र के मामले पर कलकत्ता हाईकोर्ट के दो जजों के बीच जारी लड़ाई में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा दखल दिया है. सुप्रीम कोर्ट में सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस संजीव खन्ना, जस्टिस बीआर गवई, जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस अनिरुद्ध बोस की संविधान पीठ ने शनिवार को इस केस पर सुनवाई की. बेंच ने इस केस पर कलकत्ता हाईकोर्ट में सिंगल जज और डिवीजन बेंच की सुनवाई पर रोक लगा दी. इसके साथ ही सिंगल जज के सीबीआई जांच के आदेश पर भी रोक लगा दी गई है. संविधान पीठ ने कहा, ‘हम इस मामले पर सोमवार को सुनवाई करेंगे.’

पीठ ने कहा, ‘हम आगे की कार्यवाहियों पर रोक लगाएंगे. हम पश्चिम बंगाल राज्य और उच्च न्यायालय के समक्ष याचिका दायर करने वाले मूल याचिकाकर्ता को नोटिस जारी कर रहे हैं. हम सोमवार को फिर से सुनवाई के लिए मामले को सूचीबद्ध करेंगे. हम रिट याचिका और ‘लेटर्स पेटेंट अपील’ (एकल न्यायाधीश के फैसले के खिलाफ याचिकाकर्ता द्वारा उसी अदालत की एक अलग पीठ में दायर याचिका) और जांच को सीबीआई को सौंपने संबंधी एकल पीठ के आदेश के क्रियान्वयन पर रोक लगाएंगे.’

इस केस में पश्चिम बंगाल सरकार की पैरवी कर रहे वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि राज्य भी सीबीआई जांच के एकल पीठ के शुरुआती आदेश के खिलाफ अपील दायर कर रहा है. उधर केंद्र सरकार की तरफ से पेश सॉलीसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि हाईकोर्ट की खंडपीठ का आदेश अधिकार क्षेत्र से परे लिया गया प्रतीत होता है, क्योंकि स्थगनादेश अपील ज्ञापन के बिना पारित किया गया था.

मेहता कहा, ‘मैं अपील ज्ञापन या किसी आदेश के खिलाफ याचिका दायर किए बिना आदेश पारित करने को लेकर अधिक चिंतित हूं. इस अदालत ने अनुच्छेद 141 के तहत इसे प्रतिबंधित कर दिया था. मैं यहां एकल न्यायाधीश या खंडपीठ के आदेश का बचाव नहीं कर रहा हूं.’ उन्होंने इस संबंध में सीबीआई को एक नोट दाखिल करने की अनुमति देने का आग्रह किया. इस पर पीठ ने कहा, ‘हम इस पर सोमवार को सुनवाई करेंगे, अब यह मामला हमने अपने हाथ में ले लिया है.’

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क्या है पूरा विवाद
दरअसल कलकत्ता हाईकोर्ट के जस्टिस अभिजीत गंगोपाध्याय ने 24 जनवरी बुधवार को सुबह एक आदेश पारित कर पश्चिम बंगाल पुलिस से फर्जी प्रमाण पत्र के मामले से संबंधित दस्तावेज सीबीआई को सौंपने को कहा था. हालांकि हाईकोर्ट की एक दूसरी डबल बेंच ने उसी दिन जस्टिस गंगोपाध्याय के आदेश पर रोक लगा दी थी.

इस रोक के बावजूद अगले दिन जस्टिस गंगोपाध्याय की सिंगल बेंच ने अगले दिन 25 जनवरी को फिर से आदेश सुनाते हुए मामले के कागजात सीबीआई को सौंपने की अनुमति दे दी. यही नहीं जस्टिस गंगोपाध्याय ने डिवीजन बेंच की अध्यक्षता कर रहे जज सोमेन सेन पर एक राजनीतिक पार्टी के इशारे पर काम करने का आरोप लगा दिया.

सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में बंगाल सरकार और हाईकोर्ट के याचिकाकर्ता को नोटिस जारी किया है. अदालत अब इस मामले पर 29 जनवरी को सुनवाई करेगा.

Sanjeevni Today
Author: Sanjeevni Today

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