क्राइस्टचर्च। भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेले गए दूसरे टी-20 मुकाबले में युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को प्लेइंग-11 में शामिल तो किया गया, लेकिन उनकी बैटिंग पोजीशन में बदलाव करने के फैसले पर अब सवाल उठने लगे हैं। टीम इंडिया के पूर्व दिग्गज स्पिनर रविचंद्रन अश्विन का मानना है कि इस नई और अनजान पोजीशन के कारण यह युवा खिलाड़ी अपना स्वाभाविक खेल नहीं खेल सका। क्राइस्टचर्च में खेले गए इस मुकाबले में वैभव को ईशान किशन की जगह नंबर-3 पर बल्लेबाजी के लिए भेजा गया था, जहां वे 8 गेंदों में महज 4 रन बनाकर आउट हो गए और इस मौके का फायदा उठाने में नाकाम रहे।
अपने यूट्यूब चैनल पर बात करते हुए अश्विन ने कहा कि एक अलग बैटिंग पोजीशन के हिसाब से खुद को ढालना बेहद चुनौतीपूर्ण होता है और ऐसी स्थिति में क्रीज पर मौजूद किसी अनुभवी साथी खिलाड़ी के मार्गदर्शन की सख्त जरूरत होती है। अश्विन ने कहा, “ऐसा बिल्कुल नहीं लगा कि वैभव गेंद को सही टाइमिंग के साथ खेल पा रहे थे। ऐसे नाजुक वक्त पर आपको एक सीनियर साथी की जरूरत होती है जो पास आकर कहे कि शांत रहो, क्रीज पर डटे रहो, अपने शरीर के करीब खेलने की कोशिश करो और गेंद पर नजरें बनाए रखो। मुझे ऐसा महसूस हुआ जैसे वह पानी से बाहर निकाली गई मछली की तरह बेचैन थे और छठे ओवर में बल्लेबाजी करना उनके लिए आसान नहीं था।”
इस दौरान अश्विन ने टीम प्रबंधन को एक अहम सुझाव भी दिया। उन्होंने कहा कि अगर टीम इंडिया इसी कॉम्बिनेशन के साथ आगे बढ़ना चाहती है, तो वैभव सूर्यवंशी को अभिषेक शर्मा के साथ ओपनिंग करने भेजना चाहिए और संजू सैमसन को नंबर-3 पर बल्लेबाजी की जिम्मेदारी संभालनी चाहिए।
हालांकि, वैभव सूर्यवंशी के जल्दी आउट होने के बावजूद भारत के मध्यक्रम और निचले मध्यक्रम के बल्लेबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया। तिलक वर्मा, नीतीश कुमार रेड्डी और नमन धीर के महत्वपूर्ण योगदान की बदौलत भारत ने न्यूजीलैंड के 180 रनों के लक्ष्य को सफलतापूर्वक हासिल कर लिया। इस जीत के साथ पांच मैचों की टी-20 सीरीज में भारत ने 2-0 की बढ़त बना ली है और सीरीज का तीसरा मुकाबला 27 अक्टूबर को वेलिंगटन में खेला जाएगा।








