केंद्र सरकारी की ओर से लॉन्ग टर्म निवेश के लिए चलाई जाने वाली पॉपुलर स्कीम पीपीएफ को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है. सरकार ने अप्रैल-जून तिमाही में PPF पर मिलने वाली ब्याज दर को बरकरार रखा है. स्कीम के तहत निवेश पर मिलने वाली ब्याज दर को नहीं बढ़ाया गया है. आइए आपको स्कीम और इस पर मिलने वाली ब्याज दर से जुड़ी सारी जानकारी देते हैं.
पीपीएफ स्कीम यानी पब्लिक प्रॉविडेंट फंड स्कीम को सरकार की ओर चलाया है. इस स्कीम के तहत निवेशकों को निवेश पर टैक्स फ्री ब्याज मिलता है. स्कीम के तहत निवेश 15 सालों के लिए होता है. यानी स्कीम का मैच्योरिटी पीरियड 15 साल का है. पीपीएफ पर अभी 7.1 फीसदी का सालाना फिक्स ब्याज मिलता है, जिसे सरकार की ओर से अप्रैल-जून तिमाही में नहीं बढ़ाया है. पब्लिक प्रॉविडेंट फंड स्कीम पर मिलने वाले ब्याज का रिव्यू सरकार हर तिमाही में करती है.
स्मॉल सेविंग स्कीम
केंद्र सरकार की ओर से निवेश को बढ़ावा देने के लिए कई सारी स्कीम्स चलाई जाती है, जिनका मकसद लोगों को निवेश के लिए प्रोत्साहित करना होता है. उन्हीं में से एक स्कीम यह स्मॉल सेविंग स्कीम है. इस योजना के तहत निवेशक 15 सालों के लिए निवेश करते हैं और खास बात यह है कि इसमें निवेश पर शेयर मार्केट की उठा-पटक और बैंकों की ब्याज दरों को घटाने-बढ़ाने का असर नहीं पड़ता है.
PPF पर टैक्स छूट और मिनिमम निवेश
पीपीएफ के तहत निवेशकों को आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 80 सी के तहत टैक्स छूट दी जाती है. इस स्कीम में मिनिमम निवेश 500 रुपये सालाना है और मैक्सिमम निवेश 1.5 लाख रुपये सालाना है. इस स्कीम के तहत निवेश को सालाना निवेशकों की ओर से जमा करना जरूरी है. अगर कोई अपनी किस्त को मिस करता है, तो उसे 50 रुपये के पेनाल्टी के साथ बाकी के सालों तक निवेश करना होता है.
