भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी एक बार फिर चयनकर्ताओं के रडार पर आ गए हैं। घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन और लगातार विकेट लेने की क्षमता ने उनकी टीम इंडिया में वापसी की संभावनाओं को बढ़ा दिया है। हालांकि, फिटनेस अभी भी सबसे बड़ा सवाल बना हुआ है, लेकिन न्यूजीलैंड के खिलाफ आगामी वनडे सीरीज या 2027 वनडे वर्ल्ड कप तक शमी की वापसी को पूरी तरह खारिज नहीं किया जा सकता।
35 साल के शमी पिछले कई महीनों से फिटनेस और फॉर्म को लेकर चर्चा में थे। मार्च 2025 में आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी के बाद से उन्होंने भारत के लिए कोई अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं खेला है। उस टूर्नामेंट में उन्होंने 9 विकेट लेकर भारत के संयुक्त रूप से सबसे सफल गेंदबाज रहे थे। उनका आखिरी वनडे भी न्यूजीलैंड के खिलाफ ही था।
घरेलू क्रिकेट में शमी की धार बरकरार है। मौजूदा रणजी ट्रॉफी सीजन में सिर्फ चार मैचों में उन्होंने 20 विकेट चटकाए हैं। इसके अलावा पिछले छह मैचों (विजय हजारे और सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी सहित) में 17 विकेट लिए हैं। इन आंकड़ों ने चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा है।
सूत्रों के अनुसार, BCCI में शमी को लेकर प्लानिंग चल रही है और वह चयन की दौड़ से बाहर नहीं हैं। न्यूजीलैंड के खिलाफ 11 जनवरी 2026 से शुरू होने वाली वनडे सीरीज में उनकी वापसी संभव मानी जा रही है। अगर ऐसा होता है, तो वह 2027 वर्ल्ड कप की तैयारी का हिस्सा बन सकते हैं।
पूर्व क्रिकेटर मोहम्मद कैफ ने भी शमी को नजरअंदाज करने पर सवाल उठाए हैं। जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद सिराज को आराम दिए जाने के बावजूद शमी को मौका न मिलने पर हैरानी जताई गई है।
फैंस और विशेषज्ञों की नजर अब चयनकर्ताओं के अगले फैसले पर टिकी है। शमी की वापसी भारतीय तेज गेंदबाजी आक्रमण को और मजबूत बना सकती है।






