जयपुर। विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर गौतम हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर द्वारा आयोजित मानसिक स्वास्थ्य सप्ताह के समापन कार्यक्रम में मानसिक स्वास्थ्य, योग, ध्यान और समग्र स्वास्थ्य के महत्व पर विशेष जोर दिया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री विकास खंडेलवाल रहे। उन्होंने उपस्थित लोगों को योग के महत्व तथा शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य के बीच संतुलन बनाए रखने के बारे में जानकारी दी। साथ ही, उन्होंने सभी प्रतिभागियों को लगभग 20 मिनट तक ध्यान का अभ्यास भी करवाया।
कार्यक्रम के दौरान खंडेलवाल ने बताया कि स्वस्थ जीवन के लिए मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य दोनों का ध्यान रखना आवश्यक है। नियमित योग एवं ध्यान व्यक्ति को तनाव कम करने, एकाग्रता बढ़ाने और मानसिक शांति प्राप्त करने में सहायक हो सकते हैं। उन्होंने दैनिक जीवन में सकारात्मक आदतों को अपनाने तथा संपूर्ण स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने का संदेश दिया।

इस अवसर पर गौतम हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर की सीईओ राजश्री गौतम के निर्देशन में तैयार की गई एक मरीजों की सच्ची कहानी पर आधारित लघु फिल्म “भ्रम जाल” का प्रदर्शन किया गया। फिल्म के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं, भ्रांतियों तथा समय पर उचित सहायता प्राप्त करने के महत्व को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। इसका उद्देश्य लोगों को मानसिक रोगों के प्रति संवेदनशील बनाना और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े सामाजिक कलंक को कम करने के लिए प्रेरित करना था।

कार्यक्रम में डॉ. शिव गौतम ने मानसिक स्वास्थ्य सप्ताह के अंतर्गत 6 से 10 अक्टूबर 2026 तक आयोजित विभिन्न 16 गतिविधियों की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि इस दौरान नुक्कड़ नाटक, वाक्-कला प्रतियोगिता, रेडियो परिचर्चा, कॉलेजों में मानसिक स्वास्थ्य टॉक शो तथा विद्यार्थियों के लिए विशेष जागरूकता व्याख्यान जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से आमजन और युवाओं को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया गया।
गतिविधियों का मुख्य उद्देश्य मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े मिथकों एवं भ्रांतियों को दूर करना, तनाव प्रबंधन के प्रति जागरूकता बढ़ाना, भावनात्मक समस्याओं को समझना तथा जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञों से सहायता लेने के लिए लोगों को प्रोत्साहित करना था।
गौतम हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर का यह प्रयास मानसिक स्वास्थ्य को जन-जागरूकता का महत्वपूर्ण विषय बनाने तथा समाज में संवेदनशीलता, समझ और सहयोग की भावना विकसित करने की दिशा में एक सार्थक पहल है ।







